शिक्षकों को देना होगा खर्च, पूरे प्रदेश में शासन नए सिरे से प्रमाणपत्रों का करा रहा सत्यापन


वाराणसी : शासन के निर्देश पर सूबे के राजकीय व अशासकीव माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के अंकात्रों व प्रमाणपत्रों का अब नए सिरे से सत्यापन कराया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में अंकपत्रों के सत्यापन के लिए शुल्क मांगा जा रह है। विभाग में इसके लिए कोई मद नहीं है, इसे देखते हुए अब शिक्षकों से ही सत्यापन शुल्क जमा कराया जा रहा है।
शिक्षकों के अंकपन्नों और प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर शासन सख्त है। किसी प्रकार की हौलाहवाली पर  अधिकारियों व कर्मचारियों को वह नियमानुसार दंढात्मक कार्रवाई को चेतावनी दे चुका है। जनपद के 137 राजकीय व अशासकीब माध्यमिक विद्यालयों में 1400 शिक्षक हैं। इनकी नियुक्ति बीएचवू, काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विवि, गोस्खपुर विधि व पूर्वांचल सहित अन्य विश्वविद्यालयों से प्राप्त हुई डिग्री के आधार पर हुई का करा रहा सत्यापन है। कई विश्वविद्यालय प्रमाणपत्रों के सत्वापन के लिए पांच सौ से तीन हजार रुपये तक शुल्क मांग रहे। शुल्क जमा करने को मद न होने के कारण डीआइओएस कार्यालय ने शासन से मार्गदर्शन भी मांगा था।