यूपी TGT-PGT भर्ती के संशोधित नोटिफिकेशन में किए गए ये बड़े बदलाव

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के संशोधित विज्ञापन में प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान का पद भी शामिल किया गया है। टीजीटी में 310 पदों की कमी विज्ञान में ही हुई है। 29 अक्तूबर को जारी विज्ञापन में विज्ञान के 1943 पद थे। लेकिन संशोधित विज्ञापन में विज्ञान के 898 और जीव विज्ञान के 735 कुल 1633 पद हैं। संजय सिंह के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से बचने के लिए विज्ञान और जीव विज्ञान के पदों पर अलग अलग आवेदन लिए जाएंगे। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने यह मुद्दा उठाया था। पूर्व के विज्ञापन में समस्या यह थी कि तदर्थ रूप से पढ़ा रहे जीव विज्ञान विषय के शिक्षक बाहर हो रहे थे। इसलिए इस विषय को शामिल किया गया है। ये अलग बात है कि यूपी बोर्ड ने तकरीबन ढाई दशक पहले ही हाईस्कूल स्तर से जीव विज्ञान को हटा दिया है। 


परीक्षा में फ्रेश व तदर्थ शिक्षकों को समान अंक
चयन बोर्ड ने लिखित परीक्षा में फ्रेश व तदर्थ शिक्षकों को समान अंक देने का निर्णय लिया है। संशोधित विज्ञापन में पुरानी विज्ञप्ति के सबसे विवादित हिस्से को हटा दिया गया है। चयन बोर्ड ने पहले फ्रेश अभ्यर्थियों व तदर्थ शिक्षकों के लिए क्रमश: 500 व 465 अंकों की लिखित परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। फ्रेश अभ्यर्थियों को एक प्रश्न पर 4 व तदर्थ शिक्षकों को 3.72 अंक देने की बात थी। लेकिन अब इसे संशोधित करते हुए फ्रेश अभ्यर्थियों व तदर्थ शिक्षकों को समान रूप से चार चार अंक देने की बात है। 


तदर्थ शिक्षकों का भारांक कम कर दिया
चयन बोर्ड ने संशोधित विज्ञापन में तदर्थ शिक्षकों का भारांक भी कम कर दिया है। 29 अक्तूबर के विज्ञापन में तदर्थ शिक्षकों को एक वर्ष की सेवा के लिए 1.75 अंक अधिकतम 35 अंक देने का प्रावधान किया था। लेकिन अब इसे घटाकर एक वर्ष की सेवा पर 1.5 अंक और अधिकतम 30 अंक देने का प्रावधान किया गया है। प्रशिक्षित स्नातक में साक्षात्कार नहीं होगा। तदर्थ शिक्षकों को लिखित परीक्षा में मिले अंकों में सेवा आधारित अधिभार अंक जोड़ दिया जाएगा जो किसी भी दशा में 500 अंकों से अधिक नहीं होगा। वहीं प्रवक्ता में अधिभार 30 अंक साक्षात्कार में देय होगा।