TGT-PGT शिक्षक भर्ती कला विषय की अर्हता को लेकर विवाद बढ़ा: कला के धुरंधर बाहर, अन्य विषय पढ़ने वालों को मौका

प्रयागराज : चयन बोर्ड ने टीजीटी-पीजीटी 2021 भर्ती घोषित की है। इसमें कला विषय की अर्हता को लेकर विवाद बढ़ रहा है। कला से स्नातक व परास्नातक छात्र छात्राओं ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चार वर्षीय डिग्री बैचलर ऑफ फाइन आर्ट व बैचलर ऑफ आर्ट को कला विषय की अर्हता में नहीं रखा गया है।


इससे लाखों योग्य अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अर्हता विवाद पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले अखिलेश कुमार का कहना है कि बड़ी संख्या में कला प्रतियोगी छात्र होने के बावजूद उनके स्थान पर अन्य विषयों के स्नातक व परास्नातक छात्र छात्राओं को शिक्षक बनने का मौका दिया जा रहा है। जबकि वे उस विषय में प्रशिक्षित ही नहीं हैं। उनके भी प्रमाण पत्र को स्वीकार किया जा रहा है जिनका अस्तित्व वर्षों पूर्व खत्म हो चुका है। यूपी में बड़ी संख्या में सीबीएससी व आइसीएसई छात्र- छात्राएं हैं उन्होंने प्राविधिक कला नहीं पढ़ा है। लाहौर से शिक्षा हासिल करने वाले नहीं मिलते हैं। कुछ राज्यों ने इस गलती का सुधार भी किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी अध्यक्ष सहित तमाम कला चिंतक, विचारकों सहित कला संगठन त्रुटि सुधारने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वह देश के प्रमुख कला संस्थानों से शिक्षा लेने के बाद भी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। बीएचयू, इविवि, कला एवं शिल्प महाविद्यालय लखनऊ, अलीगढ़ मुस्लिम विवि, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, छत्रपति शाहूजी महाराज विवि कानपुर इत्यादि के छात्रों का कहना है कि मांग न मानी तो आंदोलन करेंगे।