बेसिक शिक्षा विभाग पर 12 करोड़ बिजली बिल बकाया, छूट की योजना के बाद भी सरकारी विभागों ने नहीं जमा किया बिल


आजमगढ़। बकाया वसूली को लेकर शासन ने एक मुश्त समाधान योजना चलाई थी। जिसके तहत आम जनता ने तो काफी हद तक अपना बकाया जमा कर दिया लेकिन सरकारी विभाग बकाया बिल जमा करने में रूचि नहीं लिए। परिणाम स्वरूप वर्तमान में जिले के 24 कार्यालयों पर कुल 96.43 करोड़ का बिल बकाया है। जिसमें सर्वाधिक बकाया बेसिक शिक्षा विभाग पर 12 करोड़ है।



बकाया बिल वसूली को लेकर बिजली विभाग जनवरी माह से ही हाथपांव मार रहा था। शासन स्तर से छूट की योजना भी शुरू की गई, जिसकी तिथि भी 15 मार्च से बढ़ा कर 31 मार्च कर दी गई ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता पंजीकरण करा कर बकाया जमा कर दें। विभागीय सूत्रों से मिले आकड़ों के अनुसार सर्वाधिक 12 करोड़ का बकाया बेसिक शिक्षा विभाग पर है। इसके अलावा आबकारी विभाग पर 15 लाख, गृह विभाग पर 43 लाख, कृषि विभाग पर 12 लाख, खेल विभाग पर चार लाख, नागरिक होमगार्ड पर सुरक्षा मात्र नौ हजार, चिकित्सा शिक्षा विभाग पर 68 हजार, एलोपैथिक चिकित्सा विभाग पर 1.78 करोड़, नगर विकास पर 1.07 करोड़, परिवहन पर छह लाख, प्राविधिक शिक्षा विभाग पर 12 लाख, राजस्व विभाग पर 50 हजार, लोक निर्माण पर 42 लाख, वन विभाग पर 26 लाख, वित्त पर 5 लाख, माध्यमिक शिक्षा विभाग पर 1.36 करोड़ का बकाया है।


बकाया वसूली को लेकर विभाग द्वारा से सभी सरकारी कार्यालयों को समय से बिजली बिल उपलब्ध कराने के लिए नोटिस आदि देने की कवायद की गई है। विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंच कर टेलीफोन के माध्यम से भी बकायेदार सरकारी विभागों को बकाया जमा करने के लिए कहते रहते है। इसके बाद भी कई सरकारी विभाग बकाया जमा करने में रुचि नहीं ले रहे है।
अरविंद कुमार सिंह, एक्सईएन, वितरण खंड प्रथम।