पंचायत चुनाव में भी कर्मियों की दिव्यांगता व मृत्यु पर 15 से 30 लाख तक की सहायता,इस तरह मिलेगी सहायता


लखनऊ। लोकसभा, विधानसभा व विधान परिषद चुनाव तथा उपचुनाव की तरह पंचायत चुनाव के कार्मिकों की मृत्यु व स्थायी दिव्यांगता की दशा में भी उसी तरह आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि ड्यूटी के दौरान अलग-अलग कारणों से मृत्यु पर 15 से 30 लाख रुपये तक होगी।

अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग को सरकार के फैसले से अवगत करा दिया है। अनुग्रह राशि की बढ़ी दरें त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 व उसके बाद कराए जाने वाले उप निर्वाचनों में भी लागू रहेगी। इसके दायरे में चुनाव प्रशिक्षण, मतदान व मतगणना के कार्य में लगाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी, जोनल अफसर, जोनल मजिस्ट्रेट सेक्टर ऑफिसर, सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो ऑब्जर्वर, सुरक्षा बल (राज्य पुलिस बल, पीएससी, केंद्रीय अर्ध सैनिक बल, होमगार्ड), निजी वाहन चालक, क्लीनर व हेल्पर आदि  आएंगे। निर्वाचन से जुड़ी गतिविधियों के दौरान मृत्यु पर संबंधित कर्मी के परिजनों को अनुग्रह राशि स्वीकृत की जाएगी। घायल होने पर कर्मी को सहायता राशि मिलेगी।

निर्वाचन अवधि की गणना मतदान व मतगणना कार्य के लिए कर्मचारी के निवास स्थान से ड्यूटी स्थल तक पहुंचने तथा ड्यूटी समाप्त कर उसके निवास स्थान तक पहुंचने की अवधि तक मान्य होगी सुरक्षाबलों की तैनाती के मामले में यह गणना उनके जिले में आगमन से ड्यूटी के पश्चात मूल स्थान तक रवानगी तक मानी जाएगी। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किए जाने की स्थिति में यह गणना उनके प्रदेश में आगमन से ड्यूटी के बाद मूल स्थान पर रवानगी तक मानी जाएगी। जिले में तैनात मोबाइल सुरक्षा बल भी इस योजना के दायरे में आएंगे।


इस तरह मिलेगी सहायता

$प्रशिक्षण अथवा मतदान व मतगणना ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना में मृत्यु पर परिजनों को वर्तमान में 10 लाख की जगह 15 लाख। ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना (आतंकवादी हिंसा व असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या, रोड माइंस, बम ब्लास्ट की दशा) में मृत्यु पर सहायता राशि मौजूदा 20 की जगह 30 लाख दी जाएगी। आतंकवादी हिंसा व असामाजिक तत्वों, रोड माइंस, बम ब्लास्ट व हथियारों से आक्रमण आदि कारणों से घटित दुर्घटना में किसी अंग की स्थायी दिव्यांगता पर 10 लाख की जगह 15 लाख दिया जाएगा।

$किसी अन्य कारण से घटित दुर्घटना में किसी अंग की स्थायी दिव्यांगता पर 5 लाख की जगह 7.5 लाख रुपये मिलेगा।