यूपीपीसीएस: आरओ/एआरओ-2016 में 260 का चयन, पूरे पदों के लिए योग्य नहीं मिले अभ्यर्थी

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने आरओ/एआरओ यानी समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी-2016 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। भर्ती के 303 पदों के सापेक्ष 260 अभ्यर्थी सशर्त सफल हुए हैं, जबकि 43 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले। इससे इन पदों पर नए सिरे से भर्ती कराने का निर्णय किया गया है। सशर्त चयनितों के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की तारीख आयोग की ओर से जल्द घोषित की जाएगी।


आरओ/एआरओ-2016 के तहत 303 पद की भर्ती निकाली थी, इसकी प्रारंभिक 27 नवंबर 2016 को दो पाली में 31 जिलों के 827 केंद्रों में हुई थी। लखनऊ में पेपर लीक हो गया। सीबीसीआइडी लखनऊ की जांच में उसकी पुष्टि हुई। आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा रद कर दोबारा कराने का निर्णय किया। तीन मई 2020 को पुनर्परीक्षा की तारीख तय हुई। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन घोषित होने के कारण उक्त तारीख पर परीक्षा नहीं हो पायी थी, फिर 20 सितंबर को 17 जिले के 823 केंद्रों पर प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई। इसमें 1,40353 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 28 अक्टूबर को घोषित हुआ। मुख्य परीक्षा के लिए 5754 अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि मुख्य परीक्षा 22 व 23 दिसंबर को प्रयागराज, लखनऊ व गाजियाबाद के 12 केंद्रों पर कराई गई। इसमें 4881 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। समीक्षा अधिकारी पद के अभ्यर्थियों का टाइप टेस्ट 23, 24 व 25 फरवरी 2021 को लिया गया था। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक व श्रेणीवार कटऑफ अंक आयोग की वेबसाइट में शीघ्र अपलोड होगा। इसमें सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

समीक्षा अधिकारी के टापर

’यूपी सचिवालय में राघवेंद्र प्रताप सिंह’मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में धनंजय त्रिपाठी’यूपीपीएससी में सुनील कुमार’यूपी सचिवालय लेखा में मो. जुनैद खान।

सहायक समीक्षा अधिकारी के टापर

’यूपी सचिवालय लेखा में राहुल कुमार मिश्र’राजस्व परिषद में विकास कुमार’मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सचिन वाजपेयी’यूपीपीएससी में अनु जैन।

इन विभागों में मिलेगी नियुक्ति

चयनितों को विभागों में नियुक्ति मिलेगी। समीक्षा अधिकारी के चयनितों को यूपी सचिवालय में 185, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सात, यूपीपीएससी में 12, यूपी सचिवालय लेखा में 13 पदों पर नियुक्ति मिलेगी। सहायक समीक्षा अधिकारियों की यूपी सचिवालय लेखा में 26, राजस्व परिषद में 11, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में दो व यूपीपीएससी में चार पदों पर नियुक्ति मिलेगी।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : पेपर लीक प्रकरण में फंसी आरओ/एआरओ यानी समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी-2016 की भर्ती आखिरकार पूरी हो गई, लेकिन भर्ती का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। योग्य अभ्यर्थी न मिलने से 43 पद खाली छोड़ने पड़े। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने 14 जनवरी 2020 को प्रारंभिक परीक्षा निरस्त करने का अहम निर्णय किया। पुनर्परीक्षा में नए आवेदन नहीं लिए गए, बल्कि पहले जिन्होंने आवेदन किया था, उन्हीं को परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया गया।

यूपीपीएससी ने आरओ/एआरओ-2016 के तहत 361 पदों की भर्ती निकाली थी। इसकी प्रारंभिक 27 नवंबर 2016 को दो पाली में प्रदेश के 31 जिलों में 827 केंद्रों में आयोजित की गई। परीक्षा के लिए 3,85,191 अभ्यर्थियों का पंजीकरण हुआ था। इसमें प्रथम पाली में 2,04,907 व द्वितीय पाली में 2,03,261 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के दौरान लखनऊ के एक केंद्र से पेपर वाट्सएप पर वायरल हो गया। परीक्षा के बाद आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में दोनों प्रश्नपत्रों के आउट होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब मामले की जांच सीबीसीआइडी लखनऊ से कराई गई। सीबीसीआइडी टीम ने 29 सितंबर 2018 को विशेष विशेष न्यायाधीश सीबीसीआइडी को इस प्रकरण में अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। लेकिन, वादी अमिताभ ठाकुर रिपोर्ट पर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अंतिम रिपोर्ट के विरुद्ध कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी।

इस पर विशेष न्यायाधीश सीबीसीआइडी ने एक जनवरी 2020 को सीबीसीआइडी की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर दिया। साथ ही प्रकरण की जांच दोबारा कराने का आदेश दिया। इस पर प्रकरण की जांच के लिए लोकसेवा आयोग ने दो सदस्यीय जांच समिति की संस्तुति कर दी।

आयोग ने विचार किया कि पुन: जांच कराने से प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम बेमियादी रूप से अधर में लटक गया है। इसके मद्देनजर आयोग ने निर्णय किया कि जब तक प्रश्नगत आपराधिक वाद निस्तारित नहीं होता तब तक प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने संबंधित निर्णय किया जाना संभव नहीं होगा। इससे अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। इसके मद्देनजर परीक्षा फिर से कराई गई।

खत्म किए गए 58 पद

आरओ/एआरओ-2016 के 361 में राजकीय बचत विभाग में स्टैटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण विभाग में इनवेस्टीगेटर कम कंप्यूटर, मलेरिया अफसर, जूनियर आडिटर आदि के 58 पद शामिल थे। इसमें कुछ पद यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास चले गए हैं, जबकि कुछ को खत्म कर दिया गया है। इसलिए 303 पद का परिणाम जारी किया गया है।