कोरोना ड्यूटी में लगे कर्मियों की मौत पर मिले 50 लाख की मदद


लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने कोविड-19 ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की मौत पर 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग सरकार से की है। संगठन के अध्यक्ष वीपी मिश्रा व महामंत्री प्रेमचंद्र ने कहा कि डॉक्टरों, कर्मचारियों और उनके संक्रमित परिवार की देखभाल के लिए राज्य सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की है।


सचिव अतुल मिश्र ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला सहायक व एक्स-रे टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड ब्वॉय व सफाई कर्मचारियों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कई बार पत्र भेजकर चेताया था कि रिक्त पदों पर यदि तत्काल भर्ती की नहीं की गई तो मरीजों का इलाज संभव नहीं हो पाएगा । लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया । इसी का परिणाम है कि कोविड-19 महामारी में संक्रमित लोगों की न जांच हो पा रही है और न ही वार्डों में ठीक से देखभाल।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की। कहा कि देश भर में कर्मचारियों और जनता से जुड़ी सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए इप्सेफ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्रियों को दोबारा पत्र भेजकर काटे गए महंगाई भत्ते की किस्तों का भुगतान, पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगें की गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो इप्सेफ आंदोलन करेगा।