यूपी बोर्ड की परीक्षाएं टलीं, सभी शिक्षण संस्थान बंद, चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं

लखनऊ: प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 20 मई तक टाल दी गई हैं। महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी 15 मई तक स्थगित रहेंगी। इसी के साथ सभी शिक्षण संस्थानों को भी 15 मई तक बंद करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है। स्थगित परीक्षाओं के संबंध में तात्कालिक हालात देखते हुए मई के प्रथम सप्ताह में निर्णय लिया जाएगा।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। उच्चस्तरीय बैठक में योगी ने कहा कि अभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पहले पंचायत चुनाव को लेकर तय नहीं हो पा रही थी। 10 फरवरी को उपमुख्यमंत्री की ओर से इम्तिहान 24 अप्रैल से 12 मई तक कराने का कार्यक्रम जारी किया गया था। उसी बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी हुई। चुनाव चार चरणों में 29 अप्रैल तक होने हैं, मतगणना दो मई को होगी।

पंचायत चुनाव की वजह से यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम बदला गया। सात अप्रैल को उपमुख्यमंत्री की ओर से हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं आठ से 28 मई तक कराने का कार्यक्रम जारी हुआ था। यूपी बोर्ड के संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी होने तक कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी थी। इधर, संक्रमण बढ़ने से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तर्ज पर यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की गई हैं। उस पर विस्तृत निर्णय मई के पहले सप्ताह में लिया जाएगा।

’>>15 मई तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान, परीक्षाएं स्थगित

’>>परीक्षाओं के संबंध में मई के पहले सप्ताह में लिया जाएगा निर्णय

’>>24 अप्रैल से 12 मई तक होनी थीं हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं




दोनों परीक्षाओं में 56 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2021 की परीक्षा में कुल 56.03 लाख परीक्षार्थियोंको शामिल होना था। हाईस्कूल की परीक्षा में 29.94 लाख छात्र पंजीकृत हैं, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में 26.09 लाख परीक्षार्थी हैं।

चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं

प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं। शासन की ओर से निर्देश है कि कालेजों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्रओं की उपस्थिति नहीं होगी। सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी।