केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शिक्षकों को दी वर्क फ्रॉम होम की अनुमति, पढ़ें जरूरी निर्देश


CBSE, CISCE, और अन्य बोर्डों ने अपने बोर्ड परीक्षा 21 को रद्द और स्थगित कर दिया है. कोविड-19 के प्रभावों को रोकने के लिए कई राज्यों में तालाबंदी लागू की गई.

COVID-19 के प्रसार को सीमित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है.

नई दिल्ली. केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने शिक्षकों को घर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने और स्कूलों में आने से रोकने की अनुमति दी है. संगठन ने शुक्रवार को राज्य की सरकार द्वारा कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर ऑफलाइन कक्षाओं को निलंबित करने का निर्देश दिया. संगठन ने छात्रों, शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और अभिभावकों के बीच COVID-19 के प्रसार को सीमित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है.

केवीएस द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने जहां भी फिजिकल क्लास के संचालन की अनुमति दी है, वहां के उपायुक्त और प्रिंसिपल को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होगी कि उपयुक्त COVID प्रोटोकॉल का पालन किया जाए.

आधिकारिक अधिसूचना के मुातबिक, जहां भी राज्य सरकारों द्वारा फिजिकल क्लासेज की अनुमति दी गई है, क्षेत्र के डीसी और प्रधानाचार्य को सुनिश्चित करना चाहिए कि उपयुक्त COVID प्रोटोकॉल बनाए रखा जाए. COVID प्रोटोकॉल के अनुसार कक्षाओं के निलंबन के मामले में, KVS (HQ) को आधिकारिक रूप से सूचित किया जाए.

नोटिस में आगे कहा गया है, "कोई भी निर्णय लेते समय, यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है."

केवीएस ने घर से काम करने वाले सभी शिक्षकों को फोन पर उपलब्ध होने के लिए कहा है. प्राचार्य आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में शिक्षकों को बुला सकते हैं. किसी भी शिक्षक को प्रिंसिपल की पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी. आदेशों के अनुसार, माता-पिता को नियमित रूप से अकादमिक लेनदेन के बारे में अवगत कराया जाना चाहिए और एक ऑनलाइन अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करके COVID-19 संबंधित प्रोटोकॉल के प्रति संवेदनशील हो.

 


KVS IMP Notice : केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने महामारी के दौरान क्लासेस चलाने को लेकर नोटिस जारी किया है जिससे कि शिक्षकों, स्कूल स्टाफ  और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

केवीएस ने सभी शिक्षकों को अनुमति दी है कि वे घर से ही ऑनलाइन क्लासेस ले सकते हैं, इसके लिए उन्हें स्कूल जाने की जरूरत नहीं है। यानी शिक्षक वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं।




हालांकि संगठन ने सभी शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया है कि वर्क फ्रॉम होम करने के दौरान व फोन पर उपलब्ध रहेंगे।

स्कूल प्रिंसिपलों को अनुमति होगी कि जब जरूरत हो तब वे वर्क फ्रॉम होम कर रहे शिक्षकों को कॉल कर सकेंगे या उनसे मिल सकेंगे। केवीएस ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रिंसिपल के बिना अनुमति के कोई भी शिक्षक स्टेशन न छोड़ें।

केवीएस ने अपने नोटिस में स्कूलों से कहा कि इस दौरान ऑनलाइन क्लासेस जारी रखें। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। राज्य सरकार या इलाके के जिलाधिकारी जब भी ऑफलाइन कक्षाओं की अनुमति देते हैं तो प्रिंसपलों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे जरूरी कोरोना गाइडलाइन्स का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। कभी भी ऑफलाइन शुरू से पूर्व स्क्ल के स्टाफ और शिक्षकों को पहले से ही बताना होगा। कक्षाएं रद्द होने पर केवीएस मुख्यालय को सूचित करना होगा।