रोजाना दो अभिभावकों को स्कूल बुलाएंगे परिषदीय शिक्षक, पांच बच्चों से करेंगे बात:- अब ऐसे चलेगी पढ़ाई और लिखाई


प्राइमरी स्कूलों में अब बच्चे नहीं उनके अभिभावक जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने कोविड काल में बच्चों की बजाय उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाने का आदेश किया है। हर दिन प्रत्येक कक्षा के दो बच्चों के अभिभवकों को स्कूल बुलाया जाएगा। हर क्लास के शिक्षकों को उनकी कक्षा के पांच बच्चों से रोजाना फोन पर बात करनी होगी। अभिभावकों के स्कूल बुलाने के आदेश पर शिक्षकों में नाराजगी है। इससे स्कूल में शिक्षक शिक्षिकाओं के संक्रमित होने का खतरा रहेगा। ये आदेश भी जारी किए गए


प्रत्येक कक्षा और विषय के लिए मासिक पंचांग के अनुसार शैक्षणिक सामग्री साझा करनी होगी विभाग की ओर से प्रेषित कक्षावार, विषयवार शैक्षिक सामग्री, कंटेंट

अभिभावकों के व्हाट्सएप पर भेजनी होगी प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन अपनी कक्षा के न्यूनतम दो बच्चों के अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में चर्चा करेंगे। अभ्यास कार्य की जांच करेंगे तथा बच्चों को गृह कार्य देंगे ।

प्रत्येक दिन कक्षाध्यापक अपनी कक्षा के न्यूनतम 5 बच्चों से दूरभाष पर वार्ता करेंगे घर पर चल रही पढ़ाई की समीक्षा करेंगे। उनकी पढ़ाई से संबंधित समस्याओं का निराकरण करेंगे। उन्हें विषय सम्बंधित पाठों के बारे में समझाएंगे ।

प्रतिदिन अभिभावकों और बच्चों से किस विषय पर वार्ता करनी है, उसकी कार्ययोजना पूर्व में ही शिक्षक डायरी में तिथिवार अंकित होगी ।

दूरदर्शन पर प्रसारित ई-कंटेंट को देखने के लिए बच्चों को प्रेरित करेंगे। विगत शैक्षिक वर्ष में बच्चों के पठन-पाठन में निरंतरता के दृष्टिगत अधिकतर जनपदों में शिक्षकों द्वारा मोहल्ला पाठशाला का संचालन किया गया था। जिसका परिणाम काफी उत्साहवर्धक रहा है। प्रोटोकॉल का पालन करते हुए

स्वेच्छा से शिक्षक, मोहल्ला पाठशाला का संचालन कर सकेंगे ।