फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों के वेतन से होगी वसूली, प्रमाणपत्रों का सत्यापन गूगल से लिंक कराने के दिए निर्देश

वाराणसी: बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों के बर्खास्त फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों से उठाए गए वेतन की वसूली भी होगी। शासन ने ऐसे शिक्षकों से इस वसूली के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है। जनपद में सात बर्खास्त शिक्षकों में से छह से वेतन-वसूली के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें एसआइटी की जांच रिपोर्ट पर चार, एसटीएफ की जांच-रिपोर्ट पर एक व शासन की जांच पर फर्जी पैनकार्ड पर दो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। इससे पहले एसटीएफ की रिपोर्ट पर एक अध्यापिका 31 मार्च को बर्खास्त की गई थीं। अध्यापिका के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।


इस बीच, स्कूली शिक्षा निदेशक विजय किरन आनंद ने शनिवार को सूबे के सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेसिंग बुलाई। इस दौरान उन्होंने अनुदेशक व शिक्षामित्रों के प्रमाण-पत्रों की सत्यापन-रिपोर्ट को गूगल से लिंक कराने का निर्देश दिया है।

इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पहले ही गूगल फार्म उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने इसे यथाशीघ्र ऑनलाइन करने का निर्देश दिया ताकि फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों का विवरण कहीं से देखा जा सके। इसके अलावा ‘मानव संपदा’ पोर्टल की डाटा फि¨डग की विसंगतियों को भी चिह्न्ति कर दूर करने का निर्देश दिया गया है। कांफ्रेसिंग में जनपद से एडी (बेसिक) प्रवीण कुमार उपाध्याय व सेवापुरी के खंड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह उपस्थित थे।

संस्कृत विवि के फर्जी डिग्रीधारी पर अभी कोई निर्देश नहीं
विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने संविवि की फर्जी डिग्री पर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे 1130 शिक्षकों को चिह्न्ति किया है। सत्यापन रिपोर्ट शासन को भी सौंप दी गई है। इसमें वाराणसी में 28 शिक्षकों की डिग्री फर्जी मिली है। एक शिक्षक की डिग्री संदिग्ध है। वीडियो कांफ्रेसिंग में प्रभारी बीएसए के तौर पर उपस्थित सेवापुरी के बीईओ डीपी सिंह ने बताया कि संस्कृत विवि के फर्जी डिग्रीधारी पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।