शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, चार साल से लम्बित मामला निस्तारित न होने से आक्रोश


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर धर्मापुर ब्लाक के शिक्षामित्रों ने गुरुवार से अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर कार्य करना आरंभ कर दिया है। संघ के धर्मापुर ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास ने बताया कि 2017 में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्याएं तीन महीने में निस्तारित करने का वादा किया था।





परन्तु सरकार ने चार वर्ष के बाद भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। पूरे प्रदेश में एक लाख 76 हजार शिक्षामित्रों में चार हजार से अधिक शिक्षामित्र आर्थिक तंगी और सरकार के रवैए से अपनी जान गवां बैठे हैं। संगठन द्वारा भाजपा के सांसद, विधायक, मंत्री और अधिकारियों तक को तमाम ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसे लेकर संगठन ने निरंतर काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। संगठन ने 2018 में उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने, शिक्षामित्रों को स्थाई कर उन्हें अध्यापकों के समकक्ष वेतन मानदेय देने, उन्हें प्री प्राइमरी में समायोजित करने, अध्यापकों के समान, अवकाश चिकित्सा व बीमा अन्य सुविधाएं भी देने की मांग उठाई है ।