लड़कियों के लिए टायलेट व सेनेटरी नैपकिन भी शिक्षा के अधिकार में

नई दिल्ली: छह से चौदह वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है। यह अधिकार लड़कों और लड़कियों को समान रूप से मिला हुआ है लेकिन कई बार स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से टायलेट और सेनेटरी नैपकिन आदि न होने से उनके लिए इस अधिकार को सही मायने में प्राप्त कर पाना मुश्किल होता है। इस बात को कर्नाटक हाईकोर्ट ने समझा है और इन मूलभूत सुविधाओं को शिक्षा के अधिकार के दायरे में लाने की बात कही है।


कनार्टक हाईकोर्ट ने यह बात सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अन्य सुविधाओं के साथ मुफ्त में सेनेटरी नैपकिन बांटने की कनार्टक सरकार की शुचि योजना को कड़ाई से लागू करने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। भले ही बात कर्नाटक सरकार की योजना के बारे में कही गई हो लेकिन इसके मायने व्यापक हैं।