कोरोना ड्यूटी के दौरान कर्मियों की मौत पर मुआवजे की व्यवस्था में हो संशोधन


लखनऊ। प्रदेश के कर्मचारी कोविड ड्यूटी के दौरान मौत पर मुआवजे की व्यवस्था का विस्तार चाहते हैं। वर्तमान में केवल ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत्यु पर मुआवजे की व्यवस्था है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार से 50 लाख की बीमा योजना व सहायता योजना में संशोधन कर कोरोना ड्यूटी के दौरान किसी भी कारण से कर्मी की मौत पर मुआवजे का प्रावधान करने की मांग की है।


संघ के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड- 19 की जंग में प्रदेश का कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर डटा हुआ है। महामारी की भयावहता से वे डरे भी हैं। इससे कहीं कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से मौत हो जा रही है और कहीं देर रात
ड्यूटी से लौटते हुए दुर्घटना का शिकार हो जा रहे हैं। सभी घटनाएं ड्यूटी के दौरान ही हो रही हैं। लेकिन केंद्र की बीमा योजना व राज्य की अहेतुक सहायता योजना में ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मौत पर ही मुआवजे का प्रावधान होने से तमाम कर्मियों के परिवारों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग / संविदा पर 6000 के मानदेय पर कार्यरत कर्मी भी अपनी जान की बाजी लगाकर कार्य कर रहे हैं। इनमें से कई की ड्यूटी के दौरान बिना संक्रमण के भी मौत हुई है।