स्कूलों ने प्रैक्टिकल और मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की नहीं दी सही जानकारी


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं चार मई से शुरू होनी है। इन परीक्षाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया की शुरुआत 7 मई से होगी। ऐसे में सीबीएसई ने स्कूलों से टीचर्स पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने को कहा था। स्कूलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब बोर्ड ने

स्कूलों को शिक्षकों की सही जानकारी व अपडेट डाटा 10 अप्रैल तक देने को कहा है। यदि स्कूल ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ सीबीएसई संबद्धता व परीक्षा उप नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड का कहना है कि यदि स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके साथ ही बोर्ड ऐसे स्कूलों का रिजल्ट भी रोक सकता है।