साहब! छोटा बच्चा है, शुगर भी, काट दीजिए ड्यूटी:- पंचायत चुनाव की ड्यूटी कटवाने के लिए महिलाएं भी पुरुषों से निकल रही आगे


साहब, घर में छोटा बच्चा है। पिछले कई दिनों से मुझे शरीर में दर्द की शिकायत है। तीन दिन से बुखार भी आ रहा है। किसी तरह डाक्टर के पास पहुंचकर दवाई ली फिर आपके पास विनती लेकर पहुंची हूं। घर में छोटे बच्चे की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं, इसलिए मैं 15 अप्रैल को होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मतदान में ड्यूटी नहीं दे पाऊंगी। मेरे पति भी शिक्षक हैं।


बता दें, 15 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए ड्यूटी आवंटन हो चुका है और ट्रेनिंग भी शुरू हो चुकी है। लेकिन तमाम शिक्षक व कर्मचारी अपनी चुनावी ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए तमाम तरह के पैंतरे आजमा रहे हैं। किसी ने खुद को बीमार बताया है, तो किसी ने खुद को परिवार का एकमात्र सहारा, किसी ने छोटे बच्चे की देखभाल का बहाना बनाया है । कुछ कार्मिक पति-पत्नी भी अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए जुगाड़ में लगे हैं। लेकिन उनके सभी पैंतरे फेल होते दिख रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक तीन दिन में करीब ढाई हजार लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया है। इनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। इधर , सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने भी रोजाना लग रही भीड़ को देखते हुए अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं ड्यूटी सिर्फ उसी की कटेगी जो मेडिकल अनफिट या किसी विषम परिस्थिति के कारण अक्षम होगा।