परिवार में कोई पॉजिटिव तो 15 दिन की लीव मिलेगी, खुद के संक्रमित होने पर 20 दिन की छुट्टी:-केंद्र ने सभी मंत्रालयों को आदेश जारी


कोरोना महामारी के बीच केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक राहत दी है। कार्मिक विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक पैरेंट्स या परिवार में कोई डिपेंडेंट मेंबर कोरोना पॉजिटिव होता है या उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा तो केंद्रीय कर्मचारी 15 दिन की स्पेशल कैजुअल लीव (एससीएल) ले सकता है। आदेश के मुताबिक, यदि कर्मचारी खुद संक्रमित होता है, तो उसे क्वारंटीन या आइसोलेशन में रहना होगा। उसे अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय कर्मचारी 20 दिन तक की स्पेशल लीव ले सकता है। यह आदेश 25 मार्च 2020 से अगले आदेश तक लागू माना जाएगा। यदि पैरेंट्स को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, तो ऐसी स्थिति में फैमिली मेंबर के अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक लीव मिल सकती है।



खुद के संक्रमित होने पर 20 दिन की छुट्टी

केंद्र ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के सामने आ रही परेशानियों को भी ध्यान में गया है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित हो जाता है और वह घर में पृथक-वास या अन्यत्र पृथकवास में है तो उसे 20 दिनों तक की परिवर्तित छुट्टी दी जा सकती है।

मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि यदि कर्मचारी सीधे तौर पर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है। ऐसे में उसे 7 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। ऐसी स्थिति में इन 7 दिनों तक उसे ड्यूटी (वर्क फ्रॉम होम) पर ही माना जाएगा।

कर्मचारी किसी कंटेनमेंट जोन में रह रहा है, तो वह ऑफिस आने में सक्षम नहीं होगा। ऐसे में उसे ऑफिस में जानकारी देनी होगी । वह कंटेनमेंट टाइम तक वर्क फ्रॉम होम ही माना जाएगा।


सभी मंत्रालयों को आदेश जारी : केंद्र के सभी मंत्रालयों के लिए जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है, 'यदि कोविड संक्रमित पाए जाने के 20 वें दिन बाद भी सरकारी कर्मचारी को अस्पताल में रखना पड़ता है तो उसे इस संबंध में दस्तावेजी सबूत के आधार पर परिवर्तित अवकाश मिलेगा। सात जून के इस आदेश के मुताबिक यदि सरकारी कर्मचारी के माता-पिता या कोई आश्रित परिवार का सदस्य यदि कोविड संक्रमित पाया जाता तो उसे 15 दिनों का विशेष आकस्मिक अवकाश मिलेगा। इस कम्यूटेड लीव के लिए कर्मचारी को अस्पताल के डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे।