उच्चतर शिक्षा की सुस्ती से प्रतियोगी चिंतित, प्राचार्य व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का काम रुका

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने पर हर संस्थानों की गतिविधि तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने दो नई भर्तियां निकालकर आवेदन लेना शुरू कर दिया है। आरओ/एआरओ-2016 के चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन की तैयारी पूरी कर लिया है। लेकिन, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का काम अभी भी ठप हैं। न शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया, न साक्षात्कार व परीक्षा कराने की कोई तैयारी है। यहां तक की असिस्टेंट प्रोफेसर पद के अभ्यर्थियों की संख्या का निर्धारण भी अटका है। आयोग की बैठक न होने के कारण नियमानुसार फार्म न भरने वाले करीब 2500 अभ्यर्थी पात्र होंगे या अपात्र उसका निर्णय नहीं हो पा रहा है।


लोकसेवा आयोग ने 27 मई को चिकित्सा विभाग में विशेषज्ञों के 3,620 व चार जून को 10 विभाग में अलग-अलग 130 पद की भर्ती निकाली है। जबकि, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने सब-इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस, सीएपीएफएस और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सीआइएसएफ परीक्षा-2019 पेपर-1 का रिजल्ट चार जून को जारी किया। एसएससी ने अलग-अलग भर्तियों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी कर लिया है। लेकिन, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का काम रुका है। विज्ञापन संख्या-49 के तहत प्राचार्य पद के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार व शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन अभी तक रुका है। वहीं, विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद की लिखित परीक्षा की तारीख तय नहीं हुई। उक्त भर्ती में 2500 के लगभग आवेदन अपूर्ण हुए हैं। अभ्यर्थियों ने कालेज, विषय, उम्र का ब्योरा ठीक से नहीं भरा है। उन्हें परीक्षा में शामिल करना है या नहीं, यह आयोग की बैठक में तय होगा।

आयोग की बैठक की तारीख अभी निर्धारित नहीं है। प्रतियोगियों का कहना है कि कोरोना का प्रभाव कम हो रहा है। ऐसी स्थिति में अन्य भर्ती संस्थानों की तरह उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को अपनी गतिविधि शुरू करना चाहिए। ऐसा न होने पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगेगा। वहीं, नई भर्ती निकालने का काम भी प्रभावित होगा।