बीएसए आफिस का चपरासी शिक्षकों से वसूली कर फरार


कन्नौज

नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन लगवाने का भरोसा दिलाकर बीएसए ऑफिस के चपरासी ने जमकर धनउगाही की। इसके बाद वह रुपये व शपथ पत्र लेकर भाग गया। सूची में नाम नहीं आया तो शिक्षकों ने बीएसए से शिकायत की। वहीं, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने रुपये वापस करने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है।


सोमवार को कई शिक्षकों ने बीएसए केके ओझा से शिकायत की कि उनके ऑफिस के चपरासी प्रवेश यादव ने वेतन लगवाने का आश्वासन देकर उनसे शपथ पत्र व चार हजार रुपये ले लिए। जब कार्यालय से वेतन आदेश के लिए 1221 शिक्षकों की सूची जारी की, जिसमें उन्हों शिक्षकों के नाम नहीं थे, जिन्होंने प्रवेश को रुपये व शपथ पत्र दिया था। अब वह दफ्तर भी नहीं आ रहा है और मोबाइल भी बंद है। वरिष्ठ लिपिक प्रदीप सक्सेना ने बताया कि करीब 50 से अधिक शिक्षकों ने प्रवेश की शिकायत की है। अब इन शिक्षकों से दोबारा शपथ पत्र लिए जा रहे हैं। करीब 130 शिक्षकों के शपथ पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। जल्द ही सूची जारी कर दी जाएगी।


चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की धन उगाही की शिकायत मिली है, जिसकी विभागीय जाच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इन शिक्षकों से दोबारा शपथ पत्र लिया जा रहा है।
केके ओझा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी


यूटा ने दी आंदोलन की चेतावनी

सोमवार को यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला महामंत्री पंकज सिंह भदौरिया शिक्षकों के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपरासी ने शिक्षकों का पैसा वापस नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा और इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। उन्होंने 158 शिक्षकों के शपथ पत्र पटल सहायक को दिए। यूटा शिक्षक हित की लड़ाई में हमेशा डटकर खड़ा रहेगा। इस दौरान सुनील दिवाकर, सुरजीत तोमर, राहुल दुबे, हरिवंश, प्रिया, विमल, श्वेता, गीतिका, पूजा, संतोष, अमित, विनय समेत कई शिक्षक उपस्थित थे।