परिषदीय शिक्षक को अस्पतालों में नहीं मिल सका था बेड, तोड़ दिया दम


पीलीभीत। जनपद में हुए पंचायत चुनाव के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के कई शिक्षकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसा के 55 वर्षीय शिक्षक फरीदउद्दीन की भी चुनाव प्रशिक्षण के बाद हालत बिगड़ी। हालत बिगड़ने पर परिवारों ने उन्हें शहर के अस्पतालों में भर्ती कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन सभी ने बेड और ऑक्सीजन न होने की बात कहकर भर्ती करने से इनकार दिया। घर में ऑक्सीजन समेत अन्य उपकरण लाकर उनके इलाज का प्रयास किया गया, मगर 26 अप्रैल को उन्होंने घर में ही दम तोड़ दिया।



शहर के मोहल्ला निवासी फरीदउद्दीन खान वर्ष 1995 में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू कर दी थी। वर्तमान में शिक्षक फरीदउद्दीन अमरिया ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसा में शिक्षक के पद पर तैनात थे। पंचायत चुनाव के दौरान 15 अप्रैल को मंडी समिति परिसर में हुए प्रशिक्षण में शामिल हुए। करीब तीन दिन बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। जुकाम-बुखार होने पर उन्होंने एक प्राइवेट डॉक्टर से दवा ली। 21 अप्रैल को शिक्षक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। इस पर उन्होंने फिर प्राइवेट डॉक्टरों से संपर्क किया। अस्पतालों में बेड आदि न होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें घर में आइसोलेट रहकर दवा लेने की सलाह दी। शिक्षक के पुत्र फैजानउद्दीन खान ने बताया कि 23 अप्रैल को पापा का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा। इस पर उन्होंने अपने रिश्तेदारों को बताया। हालत सही न होने पर उन्हें शहर के अस्पताल में भर्ती कराने के प्रयास किए गए। कई अस्पतालों में भर्ती होने के बाबत बात की, लेकिन सभी ने अस्पताल में जगह खाली न होने और ऑक्सीजन न होने की बात कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। बरेली के अस्पतालों से संपर्क भी किया गया, मगर वहां भी बेड होने की समस्या बताई गई। इस पर घर में डॉक्टरों की सलाह पर पापा को ऑक्सीजन के साथ अन्य दवाएं दी गईं, मगर हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 26 अप्रैल को शिक्षक फरीदउद्दीन खान ने घर में ही दम तोड़ दिया।