भूलवश मृत शिक्षक की लग गई चुनाव ड्यूटी, शिक्षकों में रोष

प्रयागराज: सरकारी अमले के एक ही र्ढे पर चलने व लचर कार्य प्रणाली की एक और बानगी सामने आई है। एक महीने पहले कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले सहायक अध्यापक की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। इस पर शिक्षक संगठनों ने खासी नाराजगी जताई है।


प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री अजय सिंह ने बताया कि बहरिया विकासखंड के सहायक अध्यापक नंदलाल राम ने 15 मई को पंचायत चुनाव में ड्यूटी की। उसके बाद उनकी ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगा दी गई। इसी बीच वह कोरोना संक्रमित हो गए। बेड न मिलने पर वह कानपुर चले गए। वहां उनकी मौत हो गई। इससे पहले बीएसए संजय कुशवाहा ने कोविड 19 कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और ड्यूटी से अनुपस्थित होने के कारण नंदलाल राम का वेतन भी रोक दिया था।

हालांकि संगठन को जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई तो बीएसए को इस पूरे मामले से अवगत कराया गया। दुर्भाग्य रहा कि वेतन अवमुक्त होने के पहले ही उनकी मौत हो गई। अब जिला प्रशासन की ओर से 12 जून को होने वाले पंचायत उपचुनाव में भी नंदलाल राम की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्हें प्रथम मतदान अधिकारी बनाया गया है।

नाराजगी

’>>सहायक अध्यापक नंदलाल राम की दस मई को हो चुकी है मौत

’>>पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटने के बाद हुए थे संक्रमित