वसूली के आरोप में डीआइओएस आफिस का बाबू निलंबित

 प्रयागराज : जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात लिपिक धनंजय कुमार सोनी को संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने निलंबित कर दिया है। उन्हें शासकीय कार्य में विलंब का दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद उन्हें वित्त एवं लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) कार्यालय से संबद्ध किया गया है।


संयुक्त शिक्षा निदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि बाला प्रसाद कुशवाहा इंटर कालेज बलरामपुर बरेठी में नव नियुक्त सहायक अध्यापक अकलेश कुमार, जितेंद्र कुमार मौर्य, नरेंद्र कुमार पटेल के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के प्रपत्र तीन मार्च को मिल गए थे। इसके बावजूद उसे देरी से 17 मार्च व 19 अप्रैल को भेजा गया। इस देरी के लिए धनंजय कुमार सोनी को प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाया गया। इस प्रकरण की शिकायत सुरेंद्र प्रताप ने अपने फेसबुक एकाउंट के जरिए की थी। आरोप लगाया था कि कार्यालय में तैनात लिपिक वेतन निर्गत करने के लिए 25000 रुपये रिश्वत की मांग करते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा का कहना है कि जो आरोप लगाए गए हैं वह सही नहीं है। संबंधित लिपिक की ड्यूटी उन दिनों अन्यत्र थी। जैसे ही वह कार्यालय आए उन्होंने प्रपत्र संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी कर कागजात को आगे बढ़ा दिया।

इस बीच एक दिन रविवार की वजह से अवकाश भी पड़ा था। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। उच्चाधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।

’>>शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ला ने की है कार्रवाई

’>>शासकीय कार्य में विलंब का दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई