ट्विटर बना हथियार, मांगा रोजगार: प्रतियोगियों ने बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया सूबे के मुख्यमंत्री का जन्मदिन, किया प्रदर्शन, दिन भर चला अभियान

प्रयागराज : जो प्रतियोगी दो जून की रोटी मांग रहे थे वे शनिवार को फिर बेरोजगारी का ढोल पीटते दिखे। सीएम के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया। ट्विटर को हथियार बनाकर रोजगार मांगा गया। ज्ञात हो कि प्रतियोगी पहले नई भर्ती निकालने की मांग कर रहे थे, अनसुनी पर तरह-तरह से प्रदर्शन करके सरकार का ध्यान खींच रहे हैं।

प्रतियोगियों का कहना है चार साल में सरकार सरकारी नौकरियां देने में विफल रही है। भर्तियां आयी ही नहीं, जो आयी भी वो न्यायालय में फंसी रही, अधीनस्थ चयन आयोग व माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन नियुक्तियां देने में सबसे पीछे रहा। लेखपाल की भर्ती नहीं आई। यही हाल हर विभाग में है। प्रतियोगी अवसाद में हैं। कुछ दिन पहले प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों ने मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया था। शनिवार को भी ट्विटर पर बेरोजगार दिवस ट्रेंड करता रहा। लाखों ट्वीट किए गए। पंकज मिश्र, अभिषेक तिवारी, राहुल यादव, अश्वनी सिंह रजत, विनीत ने बढ़ चढ़कर बेरोजगार दिवस मनाया।


प्राथमिक शिक्षक भर्ती के मुद्दे को लेकर आम बेरोजगार प्रशिक्षुओं ने देश व्यापी ट्विटर अभियान चलाया। मांग है कि सरकार प्राथमिक विद्यालयों में पद रिक्त होने के बाद भर्ती नहीं कर रही है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में 51112 पद खाली होने का हलफनामा भी लगा चुकी है, 68500 में 22000 पद अभी भी रिक्त है। युवा बेरोजगार के संस्थापक राकेश पांडेय उर्फ बंटी पाण्डेय ने कहा कि इन सभी पदों को जोड़कर बड़ी प्राथमिक शिक्षक भर्ती कि मांग शिक्षित बेरोजगार प्रशिक्षु सरकार से कर रहे हैं। युवा मंच समेत संगठनों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित यूपी बेरोजगार दिवस जबरदस्त सफल रहा। कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार को आगाह किया कि यदि रोजगार के सवाल को हल नहीं किया गया तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। मंच संयोजक राजेश सचान ने कहा कि प्रदेश में रोजगार की भयावह स्थिति है। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि रोजगार का प्रश्न हल नहीं किया गया तो युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।