बच्चों का राशन वितरण न होने से बढ़ेंगी मुश्किलें:- मिडडे मील योजना के तहत परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सूखा राशन मुहैया कराने का मामला


औरैया:-  कोरोना काल में प्रभावित रहे शिक्षण कार्यों के बावजूद सरकार ने मिड-डे मील योजना के तहत परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सूखा राशन मुहैया कराने में कोई कसर नहीं रखी। बावजूद जिले में सवा लाख से ज्यादा बच्चों को अनाज का एक दाना तक नहीं मिल सका। इसके पीछे का कारण समय पर खाद्यान्न का उठान एफसीआइ गोदाम से न किया जाना रहा है। इस पूरे मामले में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के अधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। जिले में परिषदीय स्कूलों के एक लाख 32 हजार बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाला मिड-डे मील के तहत सूखा राशन वितरित किया जाना था। लेकिन, एफसीआई गोदाम में रखी अनाज की बोरी का उठान नहीं हो सका। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के लचर रवैया की वजह से बच्चों को अभी तक राशन मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है।



वित्तीय वर्ष 2020-21 का यह राशन समय रहते सरकार की ओर से मुहैया करा दिया गया था। बावजूद लापरवाह रवैया अपनाया गया। शिक्षाधिकारियों के अनुसार करीब 1875.300 मीट्रिक टन अनाज है। उच्चतर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 124 और प्राइमरी में 134 दिन का सूखा राशन वितरण किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) गोदाम से खाद्यान्न न उठ पाने से वितरण कार्य नहीं हो सका। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल यादव का कहना है कि अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2020 व जनवरी 2021 का सूखा राशन बच्चों को दिया जाना है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे को इस बाबत पत्र लिखा गया है। उधर, पूरे मामले को संज्ञान में लेकर डीएम सुनील कुमार वर्मा ने भी जांच के निर्देश दिए हैं।