विडंबना : यूपी में महज 2.94% सरकारी स्कूलों में ही इंटरनेट, महज 17.70% स्कूलों में हैं कम्प्यूटर

लखनऊ: स्कूलों में इंटरनेट और कंप्यूटर को लेकर जारी शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट हैरान करने वाली है। यूपी के 71.26 प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों के पास इंटरनेट और 64.73 प्रतिशत के पास कंप्यूटर की सुविधा नहीं है। 


इस बारे में शिक्षकों का कहना है कि हम तो पहले ही कह रहे थे । अब केंद्र सरकार की रिपोर्ट खुद कह रही है कि इंटरनेट यूपी के स्कूलों में, इंटरनेट सुविधाओं की हालत बेहद दयनीय है । 

 


यूपी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह बताते हैं कि शिक्षक अपने मोबाइल से पढ़ाते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिक्कत रहती है। ऐसे में घर पर आकर कुछ विडियो अपलोड करके और कंटेंट तैयार करके बच्चों को भेजते हैं। प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक डॉ. जेपी मिश्र कहते हैं कि वर्चुअल क्लासरूम के लिए हाईस्पीड इंटरनेट जरूरी है। यह सुविधा शहर में कुछ चुनिंदा निजी स्कूलों के पास ही है।




केस-1 : मोहनलालगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुजौली में 80% बच्चे स्मार्टफोन न होने से शिक्षा से वंचित हैं। स्कूल में भी इंटरनेट नहीं है। यहां की शिक्षिका बताती हैं कि जिनके पास फोन हैं, उनको हम ई-कंटेंट भेजते हैं लेकिन समस्या यह है कि ज्यादातर बच्चों के पास फोन ही नहीं हैं।

 लखनऊ: ये मामले तो सिर्फ बानगी हैं। टेक्नॉलजी के इस दौर में यूपी के दो लाख से ज्यादा स्कूलों के करीब पौने पांच करोड़ स्टूडेंट ऐसी ही समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसका खुलासा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई प्लस) की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट 2019-20 के आंकड़ों पर आधारित है, जब कोविड के दौरान ऑनलाइन क्लासेज की शुरुआत हुई।



रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में महज 13.62% स्कूलों में ही इंटरनेट सुविधा, है। इनमें कक्षा एक से कक्षा 12 तक के सरकारी, प्राइवेट और ऐडेड समेत सभी तरह के स्कूल शामिल हैं। सरकारी स्कूलों में सिर्फ 2.94% में ही इंटरनेट है। वहीं देश के कुल 22% स्कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा है। सिर्फ इंटरनेट का ही हाल खराब नहीं है बल्कि स्कूल कंप्यूटर की सुविधाओं से भी वंचित हैं। यूपी में महज 17.70% स्कूलों के पास ही चालू हालत में कंप्यूटर हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में यह आंकड़ा महज 4.76% है।


केस-2 : ब्राइट करिअर इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा अंजलि ने बताया कि टीचर घर से ही मोबाइल पर ऑनलाइन क्लास लेती हैं, लेकिन कई बार फोन पर इंटरनेट की समस्या हो जाती है । इससे कंसेप्ट समझने में दिक्कत होती है और कई बार तो कोर्स छूट जाता है। बाद में टीचर वॉट्सऐप पर नोट्स भेजती हैं।


हमारी सरकार स्कूलों को इंटरनेट सुविधा देने के लिए काम कर रही है। अगली रिपोर्ट आएगी तो यूपी के स्कूल इंटरनेट सुविधा के मामले में काफी आगे पहुंच चुके होंगे। - - डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री