69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण मामले को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री का घेराव, मंत्री जी बोले, मुझ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद

69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की अनदेखी को लेकर ओबीसी व एससी वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार सवेरे डालीगंज स्थित बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के आवास का घेराव किया। कहा, इस दौरान उन्होंने जमकर हंगामा किया। बाद में बापू भवन में मंत्री से मिलाने के आश्वासन पर हंगामा बंद किया, लेकिन शाम तक उनकी वार्ता नहीं हो पाई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के लिए आवंटित सीटें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को दे दी गईं। इसके चलते 5844 सीटों का नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में 5,844 सीटों का आरक्षण घोटाला होने की बात स्वीकारी है। उन्होंने आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। साथ ही कहा कि आयोग में जिन अभ्यर्थियों ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई है, उन सभी को समायोजित की जाए।



बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में 31 हजार अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। जबकि सामान्य वर्ग के महज 20301 अभ्यर्थियों का ही चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण नहीं देने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।


द्विेदी ने सोमवार को निशातगंज स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में मीडिया से कहा कि 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में सामान्य वर्ग की 34,589 सीटें थीं। जबकि सामान्य वर्ग के महज 20301 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। शेष 14,288 पदों पर ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह गलत है कि विभाग राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पत्र का जवाब नहीं दे रहा है।

दरअसल आयोग ने कोई रिपोर्ट ही नहीं मांगी है। फिर भी विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को आयोग से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। अगर आयोग ने कोई रिपोर्ट मांगी है तो सात दिन में उसका जवाब देंगे। इस मौके पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद, निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह और बेसिक शिक्षा परिषद् के सचिव प्रताप सिंह बघेल भी उपस्थित थे।