तबादले में नो ड्यूज पर अटके एडेड के शिक्षक

 प्रयागराज : एडेड माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के आनलाइन तबादले की प्रक्रिया में प्रबंधकों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (नो ड्यूज) ने पेंच फंसा दिया है। शासन ने प्रदेश के एडेड कालेजों में पहली बार आनलाइन तबादले की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए 16 जुलाई तक प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों से आनलाइन आवेदन मांगे गए। इसमें जिन कालेजों से शिक्षक गण स्थानांतरण चाहते हैं, वहां से नो ड्यूज लेना जरूरी किया गया है, लेकिन कई जिलों से शिकायत आई है कि प्रबंधक नो ड्यूज नहीं दे रहे हैं।


तबादले की प्रक्रिया में व्यवस्था दी है कि आनलाइन आवेदन करने के बाद उसे संबंधित विद्यालय के प्रबंधक फारवर्ड करेंगे। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के अनुमोदन के साथ प्रक्रिया आगे बढ़कर शासन तक जाएगी। शिक्षकों का आरोप है कि कई कालेज विभाग की वेबसाइट पर शो नहीं हो रहे हैं। कई कालेजों में रिक्तियां नहीं हैं। यही वजहें हैं कि आनलाइन तबादले के लिए रजिस्ट्रेशन तो करीब सात हजार शिक्षकों ने किया, लेकिन फाइनली आवेदन उसके एक तिहाई भी नहीं आए। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से भेजे गए शिक्षकों को तो प्रबंधक ज्वाइन नहीं करा रहे हैं। ऐसे में उनकी ज्वाइनिंग को लेकर संदेह है। इतना ही नहीं, रिक्त पद के सापेक्ष आवेदन ज्यादा होने से सभी को मनपसंद जगह तबादला नहीं हो सकेगा। इधर, अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा का कहना है कि प्रयास किया जा रहा है कि जुलाई माह में ही शिक्षकों की तबादला सूची जारी कर दी जाए। इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।