परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण नियम में बदलाव पर मांगा जवाब

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के आपसी सहमति (म्यूचुअल कांसेंट)से स्थानांतरण के मामले में नियम बदलने पर प्रदेश सरकार से जानकारी तलब की है। याचिका में कहा गया है कि म्यूचुअल स्थानांतरण की सूची जारी होने से ठीक दो दिन पहले राज्य सरकार ने इसके नियम परिवíतत करते हुए तीन वर्ष की सेवा अनिवार्यता को समाप्त कर दिया। इससे याचीगण को नए नियम का लाभ नहीं मिल पाया है। यह आदेश न्यायमूíत मंजूरानी चौहान ने सुमेर शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया है।


याचीगण के अधिवक्ता का तर्क था कि याचीगण ने सहमति के आधार पर अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन किया था। इस प्रकार के तबादले के लिए पुरुषों के लिए एक जिले में तीन वर्ष की सेवा अनिवार्य है जबकि महिलाओं के लिए एक वर्ष की सेवा होनी चाहिए।