प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के बच्चों को पढ़ाएंगे प्रेरणा साथी, प्रधानाध्यापक करेंगे चयन



प्रतापगढ़ : प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में चलने वाली ई-पाठशाला के चौथे चरण में प्रेरणा सारथी बच्चों के पठन-पाठन में अहम भूमिका निभाएंगे। कोरोना काल में यह ऑनलाइन शिक्षा के लिए अहम कड़ी साबित होंगे। गांवों में ये प्रेरणा सारथी स्मार्ट फोन के जरिए बच्चों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराएंगे। जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, उनके लिए ये मददगार साबित होंगे। इससे कोरोना काल में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। जिले में 2034 प्राइमरी और 722 मिडिल स्कूल हैं। इन विद्यालयों में कुल 2 लाख 84 हजार बच्चे पढ़ते हैं। कोरोना काल स्कूल बंद हैं। बच्चों को ऑनलाइन क्लास दी जा रही है। प्रेरणा एप के जरिए बच्चों को नियमित पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, मगर जिले में अधिकांश बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। अभिभावकों के पास संसाधनों का अभाव है। इससे बच्चों को प्रेरणा एप से क्लास नहीं मिल पा रही है। पिछले साल की तरह ही ऑनलाइन क्लास में दिक्कतें आ रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग ने नई पहल की है। बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरणा सारथी की मदद ली जाएगी। इसके लिए गांव के ज्यादा से ज्यादा ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा जिनके पास स्मार्ट फोन हैं। उन्हें प्रेरणा सारथी का नाम दिया जाएगा। उन्हें प्राइमरी व मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले ऐसे बच्चों को पठन-पाठन में मदद करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस तरह एप पर प्रतिदिन उपलब्ध कराई जाने वाली पाठ्य सामग्री को बच्चों तक पहुंचाया जाएगा। बीएसए अशोक कुमार ने बताया कि प्रेरणा सारथी ऐसे बच्चों के लिए मददगार होंगे, जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। प्रेरणा सारथी के जरिए हर बच्चे को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास होगा।

प्रधानाध्यापक करेंगे चयन

प्राइमरी स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापक प्रेरणा सारथी तैयार करेंगे। उनका चयन करेंगे। उनके स्मार्ट फोन पर प्रतिदिन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि वह समय से अपने आस-पास के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सामग्री उपलब्ध करा सकें।