शिक्षकों को बतानी होगी अपनी चल-अचल संपत्ति, परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए जारी किया गया आदेश


गोरखपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अपनी चल-अचल संपत्ति बतानी होगी। इसका ब्योरा शासन की ऑनलाइन किताब में दर्ज होगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग की तरफ से सभी शिक्षकों को पत्र जारी किया गया है। जिले के 2504 परिषदीय स्कूलों में नौ हजार से अधिक शिक्षक हैं।

अपर मुख्य सचिव की ओर से शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। सभी शिक्षक अपनी संपत्ति का विवरण विभाग को उपलब्ध कराएंगे इसके बाद विभाग उसे मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करेगा। इसका उद्देश्य है कि अगर किसी शिक्षक के नाम घोटाला या घपलेबाजी के प्रकरण में नाम सामने आया तो उसकी संपत्ति वगैरह की जांच आसानी से की जा सकेगी। वहीं, विभाग में बीते कई सालों से टिके रहकर किसी न किसी प्रबंध से अवैध संपत्ति जुटाने वाले शिक्षकों पर गाज गिर सकती है।

हर पांच साल का देना होगा ब्योरा
आदेश में कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी शिक्षक अपनी नियुक्ति तिथि से लेकर उसके बाद के प्रत्येक पांच साल तक की चल और अचल संपत्ति का ब्योरा दें। निर्धारित समय तक पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा न अपलोड करने वाले और आदेश के संबंध में लापरवाही बरतने वाले सभी विभागीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


शासन ने शिक्षकों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। प्रधानाध्यापकों के माध्यम से हर विद्यालय में रिकॉर्ड अपलोड कराया जाएगा। बीएन सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी