विभागीय आदेश से बेसिक शिक्षक परेशान, सौंपा ज्ञापन

सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में आए एक तुगलकी फरमान के बाद शिक्षक संगठन मुखर होकर विरोध कर रहे हैं। विभाग द्वारा शिक्षकों से प्रोरणा पोर्टल पर ऑनलाइन काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। पोर्टल पर काम करने की समय सीमा भी निश्चित कर दी गई है और गलती होने पर दण्डित करने की बात भी कही जा रही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता और जिलामन्त्री खुश्तर रहमान खां ने इन आदेशों का विरोध करते हुए 21 सूत्रीय मांग पत्र प्रदेश के मुख्यमन्त्री व शिक्षामन्त्री को भेजा है।



मांग पत्र में कहा गया है कि विभागीय आदेश से शिक्षक हताश एवं परेशान हैं, क्योंकि विद्यालय स्तर पर विभाग द्वारा इन कार्यो के लिए न ही संसाधन उपलब्ध कराये गए हैं और न ही कम्प्यूटर में कार्य करने के दक्ष कर्मियों की कोई व्यवस्था की गई है। कई विद्यालय तो ऐसे है जिनमें आज तक विद्युत कनेक्शन भी नहीं है। शिक्षकों से यह काम उनमें भय पैदा कर कराये जाने की कोशिश की जा रही है। आदेश पारित है कि किसी भी त्रुटि के लिये शिक्षक दोषी होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। जोकि न सिर्फ अन्याय पूर्ण है बल्कि मानसिक रूप से शिक्षकों का उत्पीड़न किये जाने का परिचायक है। शिक्षक कम्प्यूटर पर कार्य करना नहीं जानते, न ही उन्हें कम्प्यूटर चलाने का कोई कोर्स ही विभाग द्वारा कराया गया है। ऐसी स्थिति में विद्यालय स्तर पर शिक्षकों से काम कराना आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न का कारक बन गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता और जिलामन्त्री खुश्तर रहमान खं ने मुख्यमन्त्री व शिक्षा मन्त्री से आदेश वापसी की मांग करते हुए शिक्षकों के साथ न्याय करने की गुहार लगाई है।