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आनलाइन क्‍लास की आड़ में साइबर क्राइम, 8वीं के छात्र ने छात्रा को भेजे थे आपत्तिजनक मैसेज

कोरोना काल में बच्चों की आनलाइन पढ़ाई का दौर शुरू हुआ। अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी यह नया अनुभव था। बच्चों को आनलाइन पढऩे के लिए किसी ने उन्हें मोबाइल फोन दिया तो किसी ने कंप्यूटर। नतीजा, बच्चे औसत से ज्यादा समय मोबाइल फोन पर बिताने लगे और जाने अनजाने में साइबर अपराध भी करने लगे। जानकीपुरम स्थित निजी स्कूल में आठवीं में पढ़ने वाला छात्र अपनी सहपाठी को फोन पर परेशान कर रहा था। स्कूल प्रबंधन की ओर से बनाए गए वाट्सएप ग्रुप में छात्र ने छात्रा के बारे में अश्लील टिप्पणी शुरू कर दी। खास बात ये है कि इसके लिए उसने तकनीक का सहारा लिया, ताकि उसे कोई पकड़ नहीं सके।


छात्र एक एप्लिकेशन डाउनलोड कर अलग-अलग विदेशी नंबर से मैसेज भेजता था। परिवारजन ने मडिय़ांव पुलिस से शिकायत की। साइबर सेल से की मदद से पुलिस छात्र के घर पहुंची। पता चला कि छात्र पीड़ित छात्रा के साथ ही पढ़ता है। इस साजिश में छात्र का बड़ा भाई भी शामिल था। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस तरह के कई मामले आनलाइन पढ़ाई के दौरान सामने आए हैं। लखनऊ विश्वविद्याल के वाट्सएप ग्रुप में भी अश्लील मैसेज व वीडियो भेजा गया था। इस प्रकरण में हसनगंज कोतवाली में एफआइआर भी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद आरोपित को गिरफ्तार किया गया था।




साइबर सेल में बढ़ी शिकायतें : साइबर सेल में शिकायतें बढ़ी हैं। स्कूल व कालेज प्रबंधन ने गोपनीय रूप से शिकायतें की हैं। स्कूल या कालेज का नाम खराब न हो, इसके लिए लिखित शिकायत नहीं की गई। इस मामले में कई छात्रों को स्कूल से निष्कासित भी किया गया है।

अभिभावक इसका रखें ध्‍यान

आनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों पर नजर रखें
कौन-सी वेबसाइट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं बच्चे। गूगल सर्च हिस्ट्री भी देखें।
'बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। उनकी छोटी-सी गलती साइबर क्राइम की ओर ले जा सकती है। मोबाइल अथवा कंप्यूटर में अनावश्यक एप्लिकेशन खतरनाक साबित हो सकते हैं।     - विवेक रंजन राय, एसीपी साइबर क्राइम सेल 

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