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शिक्षामित्रों की अयोध्या मार्च को लेकर हुई बैठक, 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्र डालेंगे अयोध्या में डेरा


कंपनी बाग इटावा में श्री राजू दास महाराज शिक्षामित्र उत्थान समिति जनपद इटावा उत्तर प्रदेश द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें समस्त जनपद के शिक्षामित्र साथियों ने सैकड़ों

की संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इटावा श्री वीरेंद्र सिंह द्वारा की गई। बैठक में आए समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री रविंद्र प्रताप सिंह जी ने सभी शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा की सभी शिक्षामित्रों को 16-10-2021 से लेकर 21-10-2021 तक अयोध्या में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम में


अधिक से अधिक संख्या में एवं अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना है। रविंद्र जी ने कहा की हम शिक्षामित्रों के साथ सरकार ने सौतेला व्यवहार किया है हम सभी सरकार से चाहते हैं कि हमारा खोया हुआ मान सम्मान वापस दिलाया जाए। जो हमारा मान सम्मान वापस दिलाएगा वही यूपी पर भी राज करेगा।

हम सभी शिक्षामित्र हमेशा से अपने मान सम्मान के लिए लड़ते आए हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। रविंद्र जी ने कहा कि शिक्षामित्र अयोध्या पहुंचकर एक करोड़ दीपक भी जलाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष जी ने कहा की शिक्षामित्र जो भी सहायता राशि समिति में देंगे उसका किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं होगा उस राशि को शिक्षामित्रों के संगठन को मजबूत करने में लगाया जाएगा। शिक्षामित्र का संगठन जितना अधिक मजबूत होगा उतनी ही अधिक मजबूती से सरकार के सामने अपने मान सम्मान के लिए लड़ सकेगा। पिंकी राठौर जोकि जिला मैनपुरी से महिला महामंत्री हैं उन्होंने महिला शिक्षा मित्रों को संबोधित करते हुए रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण देकर मान सम्मान की लड़ाई में बढ़चढ़कर आगे आने को कहा।

जिला अध्यक्ष इटावा श्री वीरेंद्र सिंह जी द्वारा सभी साथियों से विशेष अनुरोध किया गया कि वह अधिक से अधिक संख्या में अयोध्या पहुंचे हैं और सरकार को अपनी ताकत दिखाएं। जिला अध्यक्ष इटावा की ओर से मृत हुए 5000 शिक्षामित्रों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। जिला अध्यक्ष मैनपुरी श्री महेश जी राजपूत द्वारा कहा गया की शिक्षामित्र को सरकार हल्के में ना लें। हम शिक्षामित्रों की संख्या 172000 है सरकार इसे केवल 172000 ही ना समझे क्योंकि यह 172000 परिवार है। यदि सभी शिक्षामित्र एक साथ सड़कों पर उतर आया तो सरकार को संभालना मुश्किल हो जाएगा।

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