एक साथ जिले के 1582 बेसिक विद्यालयों के औचक निरीक्षण में स्कूलों से गैरहाजिर 279 शिक्षकों व शिक्षामित्रों का काटा वेतन

अंबेडकरनगर। जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में सोमवार को एक साथ अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। डीएम सैमुअल पॉल एन ने परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था में जरूरी सुधार तय करने तथा खामियों का पता लगाने के उद्देश्य से सभी एसडीएम, विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों तथा तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों समेत अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को निरीक्षण का जिम्मा सौंपा। बड़े पैमाने पर चले इस जांच अभियान में 279 शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक गैरहाजिर मिले। इन सभी का एक दिन का वेतन/मानेदय तत्काल प्रभाव से काट दिया गया। निरीक्षण के दौरान पेयजल संकट, चारदीवारी के क्षतिग्रस्त होने तथा रास्ते का संकट आदि सामने आया। पूरी रिपोर्ट संकलित कर डीएम को भेजी गई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही विद्यालयों में जो भी जरूरतें हैं या अव्यवस्थाएं हैं, उन्हें दूर किया जा सकेगा।


जिले के सभी नौ ब्लॉकों में स्थित परिषदीय विद्यालयों में जरूरी सुविधाओं को और मजबूत करने समेत शिक्षकों को शिक्षण कार्य के प्रति और ज्यादा प्रेरित करने के लिए डीएम सैमुअल पॉल एन ने जिलास्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार की। इस पर बीते एक सप्ताह से कार्य किया जा रहा था। ब्लॉकवार स्कूलों की सूची निकलवाने के साथ प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को तीन-तीन प्राथमिक विद्यालय की सूची दी गई। इसमें खंड शिक्षा अधिकारियों को भी शामिल किया गया, लेकिन उनके ब्लॉक बदल दिए गए। डीएम के निर्देश पर सभी तहसीलों में एसडीएम, जिलास्तरीय अधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा लेखपाल समेत अन्य तमाम कर्मचारी भी सोमवार सुबह 10 बजे से औचक निरीक्षण पर निकल पड़े। सभी टीम ठीक से संबंधित जगहों पर पहुंच रही है या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग का जिम्मा बीएसए बीपी सिंह ने मुख्यालय से संभाल रखा था। रिपोर्ट संकलित करने के लिए उनके साथ चार कर्मचारियों की विशेष टीम लगातार बनी रही।

विद्यालयों का निरीक्षण किया गया तो इसमें 279 शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक विद्यालयों से गैरहाजिर मिले। कई और शिक्षक भी गैर हाजिर मिले, लेकिन सहयोगी शिक्षकों ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। इस पर ऑनलाइन व्यवस्था चेक की गई तो जो शिक्षक ऑनलाइन अवकाश पर पाए गए उन पर कोई निर्णय नहीं हुआ। लेकिन 279 शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक ऐसे थे, जो बिना अधिकृत अवकाश के गायब थे। इन सभी के एक दिन का वेतन/मानेदय की कटौती का निर्णय ले लिया गया। उधर, अधिकारियों के निरीक्षण में कई जगह पेयजल संकट सामने आया, तो कई जगहों पर बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त मिली। कुछ स्कूलों में सफाई व्यवस्था का अभाव पाया गया।

स्कूलों को उपलब्ध कराएंगे बेहतर माहौल
परिषदीय स्कूलों को बेहतर माहौल व संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सभी रिपोर्ट का अध्ययन होगा। जो भी जरूरतें परिषदीय विद्यालयों के लिए होंगी, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाएगा। पूरा जोर इस पर है कि सभी शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचें और निर्धारित समय के बाद ही विद्यालय से बाहर निकलें। विद्यालय में रहने के दौरान प्रत्येक शिक्षक अपनी अधिकतम क्षमता व मानक के अनुरूप छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने का प्रयास करे। एमडीएम मानक के अनुरूप बनना सुनिश्चित हो। इसके अलावा जो भी जरूरत परिषदीय विद्यालयों को होगी, उसे पूरा कराया जाएगा। उम्मीद है कि इस बड़े अभियान के सार्थक नतीजे सामने आएंगे, जिसका लाभ परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर मिलेगा। इससे उनके अभिभावकाें का विश्वास भी परिषदीय शिक्षा के प्रति बढ़ाया जा सकेगा।
-सैमुअल पॉल एन, डीएम

स्कूलों में सुधार के लिए चला जांच अभियान
परिषदीय स्कूलों में जरूरी सुधार के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। सभी 1582 स्कूलों में एक साथ जांच कर देखा गया कि एमडीएम से लेकर सफाई, पढ़ाई, संसाधन व अन्य व्यवस्थाओं की क्या स्थिति है। बच्चों की पढ़ाई किस तरह से चल रही है। यह भी निरीक्षण में देखा गया। कई शिक्षक व शिक्षामित्र समेत अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए हैं। कुछ अव्यवस्थाएं भी मिली हैं। उनमें सुधार सुनिश्चित होगा। यह एक अच्छा प्रयोग है। सोमवार के निरीक्षण में आमतौर पर काफी कुछ बेहतर देखने को मिला है। आगे स्थिति और अच्छी हो। इसके लिए सभी जरूरी प्रयास सुनिश्चित होंगे।
-बीपी सिंह, बीएसए