विशेष नोट व स्पष्टीकरण:-👉 Updatemarts.com नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट से सावधान रहें, ये सभी नकली हैं, 🙏वेबसाइट प्रयोग करते समय Updatemarts के आगे डॉट .com अवश्य चेक कर लें, धन्यवाद

26 हजार अभ्यर्थियों की रैंक में गड़बड़ी, काउंसिलिंग ठप: दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को गड़बड़ी से बड़ा झटका

लखनऊ: डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में चल रही काउंसिलिंग प्रक्रिया के अचानक रोके जाने के पीछे किसी बड़ी गड़बड़ी की बात सामने आ रही है। जिम्मेदारों की दलील है कि साफ्टवेयर में समस्या के कारण भी यह दिक्कत हो सकती है और मानवीय गलती के भी कारण। जांच के बाद ही चीजें स्पष्ट हो सकेंगी। कारण कुछ भी हो, इस गलती का खामियाजा काउंसिलिंग के लिए पंजीकरण करा चुके 26 हजार से अधिक छात्र व कालेजों में रिपोर्ट कर फीस जमा कर चुके वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 घंटे से ठप है। रैंक संशोधन कर दोबारा सूची कब जारी होगी या काउंसिलिंग कब शुरू होगी, इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं।


एकेटीयू में दाखिले के लिए हर साल परीक्षा कराई जाती रही है। विश्वविद्यालय द्वारा ही रैंकिंग व सीट अलाटमेंट किया जाता है, लेकिन इस बार एकेटीयू में जेईई मेन के जरिए दाखिले की व्यवस्था है, जिसे कराने की जिम्मेदारी नेशनल टे¨स्टग एजेंसी (एनटीए) को सौंपी गई। एनटीए द्वारा दिए गए परीक्षा परिणाम के आधार पर एकेटीयू द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया आयोजित की गई। इसके तहत अभ्यर्थियों द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी करा ली गई थी। 26,334 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण भी करा लिया था। अभ्यर्थियों की रैंक भी तैयार कर ली गई थी। इस बीच, एकेटीयू ने काउंसिलिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में एनटीए के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।

एकेटीयू

’>>दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को गड़बड़ी से बड़ा झटका

’>>दोबारा काउंसिलिंग कब शुरू होगी, कोई बताने को तैयार नहीं

इन कोर्सो से जुड़ा है मामला

बीटेक, बी फार्मा, एमबीए, एमसीए, होटल मैनेजमेंट, बीएफए समेत अन्य।

एनटीए के अधिकारियों के साथ रविवार को हमारी काफी देर तक चर्चा हुई। आखिर इस समस्या के पीछे क्या कारण है, यह जानना जरूरी है। एनटीए की ओर से जल्द ही समस्या के हल का आश्वासन दिया गया है। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, वेबसाइट के जरिए विद्यार्थियों को सूचित किया जाएगा।

प्रो. विनीत कंसल, कुलपति एकेटीयू