अब परिषदीय स्कूल के बच्चों को मिलेगा आईकार्ड, प्रधानाध्यापकों को सहयोग करने के निर्देश

बलिया। बेसिक शिक्षा परिषद के अफसरों को भी अब निजी विद्यालयों की वसूली वाली बीमारी लग गई है। एक तरफ स्कूलों में सरकार एमडीएम, किताब, ड्रेस, जूता-मोजा नि:शुल्क उपलब्ध कराती है, तो जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्रों से आई कार्ड बनाने की तैयारी में जुट गया हैं। यहीं नहीं इसमें प्रधानाध्यापकों को सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।


जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय में करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्रों को दिन में मध्याह्न भोजन के तहत गरम खाना दिया जाता है। इसके साथ ही नि:शुल्क किताब, नि:शुल्क ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा भी प्रदान किए जाते हैं। परिषदीय विद्यालयों में ज्यादातर गरीब तबके के बच्चे पढ़ते हैं। बीएसए के हस्ताक्षर से जारी पत्र में कल्याण एवं शिक्षा विकास समिति लखनऊ के द्वारा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं का परिचय पत्र बनाने के कार्यक्रम में सहयोग करने की अपेक्षा की गई है। परिचय पत्र कार्ड प्लास्टिक, लेमिनेशन एवं फीता नि:शुल्क देने का कार्यक्रम है, लेकिन रंगीन फोटो खिचवाने का शुल्क बच्चों से लेना प्रस्तावित है। हालांकि यह शुल्क दिव्यांग बच्चों से नहीं लिया जाएगा। बीएसए ने बीईओ से कहा है कि छात्र-छात्राओं के परिचय पत्र बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करें।

एडी बेसिक के पत्र के क्रम में यह निर्देश जारी किया गया है। शासन एवं उच्चाधिकारियों के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर शिक्षकों से कार्य में सहयोग करने के लिए कहा गया है। - शिव नारायन सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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