यूपी के शिक्षामित्र फिर हुए निराश, इस माह भी नहीं मिलेगा बढ़ा मानदेय, अक्टूबर के भुगतान के लिए बजट जारी


उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र फिर निराश हुए हैं। विभाग ने शिक्षामित्रों का अक्टूबर का मानदेय का भुगतान 10 हजार रुपये प्रति माह की दर से करने के लिए बजट जारी कर दिया है। इसमें उनका बढ़ा हुआ मानदेय शामिल नहीं है।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद का समायोजन रद होने के बाद से मानदेय बढ़ाने व नियमित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि उसी समय सरकार ने मानदेय बढ़ाया था, किंतु उसे शिक्षक के वेतन को देखते हुए शिक्षामित्रों ने पर्याप्त नहीं माना। प्रदेश सरकार ने अगस्त के अनुपूरक बजट में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। चर्चा है कि शिक्षामित्रों का मानदेय करीब एक हजार रुपये बढ़ सकता है।

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र उम्मीद संजोए थे कि अक्टूबर में मानदेय बढ़ा हुआ मिलेगा। बुधवार को राज्य परियोजना निदेशक अनामिका सिंह ने 10 हजार रुपये माह की दर से मानदेय भुगतान करने का आदेश जारी किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बजट भेज दिया है।


आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि शिक्षामित्र लंबे समय से मानदेय बढ़ने की राह देख रहे हैं, सरकार की घोषणा पर अमल नहीं हो सका है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय दो हजार रुपये से अधिक बढ़ाया है, इसलिए शिक्षामित्रों का मानदेय भी कम से कम पांच हजार रुपये बढ़ाया जाए।