शिक्षकों की कमी से जूझते आधा दर्जन जूनियर हाईस्कूलों में ताला

गोंडा। बेसिक शिक्षा के पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हैं। दो दर्जन से अधिक स्कूलों में तो एक-एक शिक्षक ही हैं और छह स्कूलों में तो तालाबंदी है। ऐसे में ब्लाक के करीब दो हजार छात्रों से शिक्षा ही दूर हो गई है।


विभाग में समय से पदोन्नति न होने से पूर्व माध्यमिक स्कूलों में ऐसी दिक्कत है। साल 2017 में पदोन्नति हुई थी। इसी तरह 2015 में ही पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती हुई थी, इसके बाद भर्ती बंद कर दी गई। इससे पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित है।

विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से 73 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में से छह विद्यालय बंद हैं। दूसरी तरफ 39 संविलयन विद्यालय में से लगभग आधा दर्जन पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का ताला न खुलने से उनके भवन जीर्णशीर्ण होते जा रहे हैं। जिससे पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के भवन गिरने के कगार पर पहुंच चुके हैं।
लेकिन परिषदीय विद्यालयों की तरफ किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह में परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति बेहद खराब है। जिससे विद्यालयों में पढ़ रहे नौनिहालों के अभिभावक भी चिंतित दिख रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने बताया कि विद्यालयों में लगभग 50 प्रतिशत ऐसे अध्यापक अध्यापिकाएं हैं जो समय से विद्यालय नहीं पहुंचते हैं और समय से पहले बंद करके चले जाते हैं। इन पर किसी का लगाम नहीं है।
ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय चंदनजोत यहां पर 142 छात्र नामांकित हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटहिया नवीजोत में छात्र संख्या-111, बड़रिया दरगाही में छात्र संख्या-166, भवनीपुर खुर्द छात्र संख्या-58, जमुनही हरदोपट्टी सहित छह विद्यालयों में बच्चे तो जाते हैं, लेकिन शिक्षक नहीं हैं। उन्हें रसोइयों के सहारे छोड़ रखा गया है।
इसके अलावा विद्यालयों में पूर्व माध्यमिक विद्यालय पन्नाबगुलहा, लोनावादरगाह, विरमापुर, देवरिया खाम, कमरांवा, मऊसमशाबाद सहित दो दर्जन विद्यालयों में एक भी अध्यापक नहीं बैठते हैं। जिसका खामियाजा विद्यालय के भवन झेल रहे हैं। भवन न खुलने से जीर्ण-शीर्ण होते जा रहे हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय पन्ना बगुलहा जो प्राथमिक विद्यालय से एक सौ मीटर दूर है और बीच में पंचायत भवन है। जहां अध्यापक बच्चे नहीं बैठते हैं। विरमापुर यहां के बच्चे प्राथमिक विद्यालय में बैठते हैं। यह पूर्ण रूप से बंद रहता है, हरिश्चंद्रपुर में भी प्राथमिक विद्यालय से एक सौ मीटर दूर है। यहां ताला लटकने से भवन जर्जर होता चला जा रहा है। यहां के बच्चे प्राथमिक विद्यालय में बैठते हैं। इसी तरह से विलय विद्यालय देवरिया खाम का है यहां पर भी बच्चे प्राथमिक विद्यालय में बैठते हैं।