डीबीटी फीडिंग व किताबों की उठान का यूटा ने किया विरोध, खंड शिक्षा अधिकारी पर सरकारी धन के वंदरबांट का आरोप


बलरामपुर :- यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक शिविर कार्यालय रानी धर्मशाला में हुई। इसमें आपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों को संतृप्त न करने व डायरेक्ट बेनिफट ट्रांसफर फीडिंग समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई।


संघ के जिलाध्यक्ष देव कुमार मिश्र ने कहाकि ग्राम प्रधानों व पंचायत विभाग के अधिकारियों के रुचि न लेने के कारण जिले के 60 से 70 प्रतिशत विद्यालय निर्धारित मानक पूर्ण नहीं कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क पाठ्य पुस्तक विद्यालय तक उपलब्ध कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, लेकिन शिक्षकों पर दबाव बनाकर बीआरसी से किताबों की उठाई कराई जा रही है। किताबों के किराये की धनराशि का बंदरबांट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहाकि डीबीटी फीडिंग के लिए ब्लाक संसाधन केंद्रों पर कंप्यूटर आपरेटर की व्यवस्था
सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। फिर भी अप्रशिक्षित एवं संसाधनविहीन शिक्षकों पर डीबीटी फीडिंग का दबाव बनाया जा रहा है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद फैजान अंसारी ने कहाकि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित शिक्षकों से बिना कोई स्पष्टीकरण लिए ही उनका वेतन रोक दिया जाता है, शासनादेश के विपरीत है। मीडिया प्रभारी सचिन शुक्ल कहाकि बीआरसी व डायट स्तर पर होने वाले सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शासन स्तर से ग्रांट जिलों को भेजी जाती है। इसमें शिक्षकों का यात्रा भत्ता भी शामिल होता है, लेकिन कभी इसका भुगतान शिक्षकों को नहीं किया जाता है। संयोजक अभिषेक ओझा, उपाध्यक्ष बलबीर सिंह, राकेश कुशवाहा, पीयूष शर्मा, शिवप्रसाद वर्मा व कौशल कुमार मौजूद रहे।