शिक्षक पर अक्सर विद्यालय से अनुपस्थित रहने का आरोप, अभिभावकों ने बीएसए को भेजा ऑनलाइन शिकायती पत्र


धनघटा। विकास खंड पौली के चकिया में स्थित कंपोजिट विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक की मनमानी शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भारी पड़ रही है। वर्षों से इस विद्यालय में कार्यरत शिक्षक के प्रति अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक को यहां से हटाए जाने की मांग को लेकर कई बार शिकायती पत्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिया जा चुका है, लेकिन अधिकारी लीपापोती करके मामले को दबा दे रहे हैं।




अभिभावक मुन्ना प्रसाद, रणविजय, योगेंद्र, अजीज, रंजीत, घनश्याम आदि का आरोप है कि प्रधानाध्यापक राजेश प्रसाद इस विद्यालय पर कई वर्षों से कार्यरत हैं। उनके द्वारा पिछले वर्ष विद्यालय के विकास के लिए आए धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।



इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ग्राम प्रधान की ओर से की गई थी। जांच में प्रधानाध्यापक दोषी पाए गए थे, लेकिन अभी तक उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। अभिभावकों का आरोप है कि गत नौ अक्तूबर से 18 अक्तूबर तक प्रधानाध्यापक राजेश प्रसाद विद्यालय से लापता थे। इसके कारण विद्यालय की पढ़ाई बाधित थी।


इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से टेलीफोनिक की गई, लेकिन वह कोई ध्यान नहीं दिए। प्रधानाध्यापक के मनमानी रवैये के कारण विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है। छात्रहित में इस विद्यालय से इस शिक्षक को हटाकर किसी दूसरे शिक्षक की तैनाती करना जरूरी हो गया है।



अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ऑनलाइन शिकायत पत्र भेजकर जांच कराने के बाद कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ प्रधानाध्यापक राजेश प्रसाद ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि दो दिन अवकाश पर थे। बाकी दिन विद्यालय पर कार्यरत रहे हैं।



खंड शिक्षा अधिकारी वंशीधर सिंह का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत उनको नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।