बीएसए ऑफिस की लचर कार्यप्रणाली व विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के चलते शिक्षकों के हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ शिक्षक हुए लामबंद

ललितपुर। बीएसए कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली व विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के चलते शिक्षकों के हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।



संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि शिक्षा सत्र आरंभ हुए आठ माह बाद भी बच्चों के लिए पूरी पाठ्य पुस्तकें नहीं भेजी गई, और जो भेजी भी गई हैं वह छात्र संख्या के अनुरूप नहीं हैं। चहेतों को चयन वेतनमान स्वीकृत कर अधिसंख्य शिक्षकों को वंचित रखा जाना अनुसूचित जाति/जनजाति के शिक्षकों के चयन वेतमान की स्वीकृति में भी कतिपय शिक्षकों को लाभ देकर शेष को छोड़ देना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एसीपी के लाभ से वंचित रखना, 69 हजार भर्ती के अध्यापकों के वेतन अवशेष भुगतान में पारदर्शिता का अभाव है।

इसके अलावा एआरपी/एसआरजी के द्वारा अपने मूल दायित्वों को छोड़ मनमर्जी से काम करना, शासनादेश के विरुद्ध मनमर्जी से शिक्षकों एवं अनुदेशकों को कार्यालयों में संबद्ध रखकर नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उक्त शिक्षकों एवं अनुदेशकों को शिक्षण कार्य से वंचित रखना, ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर कार्यरत कर्मियों का अपने कार्यालय में नियमित व समय से न बैठते हुए अन्य ब्लॉक संसाधन केंद्रों के चक्कर लगाना, सेवा पंजिका में अद्यतन प्रविष्टि न होना, कार्यालय से विभिन्न कार्मिकों की सेवा पंजिका का गायब होना, विद्यालय के निरीक्षण में घालमेल होना व पक्षपात पूर्ण कार्रवाई होने से रोष है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगे काफी दिन से लंबित हैं लेकिन उनका निराकरण नहीं किया जा रहा है इससे शिक्षकों में काफी रोष है।