बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में पदोन्नति कोटा संशोधन पर असहमति के सुर, जानिए क्या है यह पूरा मामला


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शैक्षिक सेवा समूह-ख उच्चतर के पदों पर निर्धारित पदोन्नति कोटा संशोधित किए जाने की शासन की कोशिशों के बीच सभी पक्ष गुरुवार को वार्ता की मेज पर आए। इसमें शासन के अफसरों के साथ खंड शिक्षाधिकारी, महिला शिक्षक शाखा राजकीय एवं राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने अपना जो पक्ष रखा, उसमें सहमति के सुर नहीं हैं। अब इस पर शासन को अंतिम निर्णय लेना है।

 निर्णय एकतरफा होने पर मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग का खंड शिक्षाधिकारी संवर्ग पदोन्नति कोटा संशोधित कर माध्यमिक शिक्षा विभाग के समूह ख के पदों का संविलियन चाहता है, जबकि राजकीय शिक्षक संघ माध्यमिक इसके विरोध में है। एक पक्ष महिला शिक्षक शाखा है। गुरुवार को विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक हुई, इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष एवं महामंत्री, खंड शिक्षाधिकारी संघ व महिला शाखा माध्यमिक राजकीय संघ की दो पदाधिकारी शामिल हुईं। खंड शिक्षाधिकारी संवर्ग ने मांग रखी उनके पद (समूह-ग) को अधीनस्थ राजपत्रित समूह-ख के पदों के सापेक्ष मिलाकर समूह ख उच्चतर के पद पर उनकी भी पदोन्नति की जाए। मामले में प्रत्यावेदन दिए जाने पर महिला शाखा की पदाधिकारियों को भी बैठक में शामिल किया, जिन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों की मांग का विरोध किया। राजकीय शिक्षक संघ ने कहा कि समूह-ख के पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों को 50 फीसद पुरुष व 50 फीसद महिला से भरा जाना चाहिए। इसे बढ़ाए जाने पर संघ, कोर्ट की शरण लेगा।