शिक्षक-कार्मिकों की 50 मांगें शिक्षामित्र सूची से बाहर

लखनऊ : मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक व कार्मिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों से जुड़े संगठनों की 50 मांगों की सूची अपर मुख्य सचिव गृह को भेजी गई है। सूची में करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्रों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि मानदेय बढ़ाने व समायोजन जैसी मांग लंबे समय से की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती, पदोन्नति, तबादला आदि लेकर आंदोलन चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की है, इसमें अपर मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक और प्रमुख सचिव बेसिक को भी सदस्य बनाया गया है, ताकि शिक्षक व कार्मिकों की समस्याओं का निस्तारण कराया जा सके। कमेटी के अध्यक्ष ने पिछले दिनों विभाग से शिक्षक और कार्मिकों की समस्याओं की सूची मांगी थी। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने आख्या व संस्तुति के साथ चार संगठनों की 50 मांगें भेजी हैं, इनमें उत्तर प्रदेश विद्यालय निरीक्षक संघ की तीन, प्राथमिक शिक्षक संघ व उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की 23, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीरियल आफीसर्स एसोसिएशन की नौ-नौ और अंशकालिक अनुदेशक संघ की छह मांगें शामिल हैं। प्रमुख सचिव ने समिति की बैठक बुलाने की तारीख और समय तय करने का अनुरोध किया है। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा है कि सभी संगठनों की समस्याओं पर कमेटी विचार करने जा रही है, उसमें शिक्षामित्रों की समस्याओं पर कोई न वार्ता हो रही है और न ही संगठन को बुलाया गया है, जबकि संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान का वादा किया था।