टीजीटी भर्ती की उत्तरमाला पर सवाल, हाई कोर्ट की तैयारी


प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक [ (टीजीटी)-2021 के परिणाम के साथ जारी संशोधित उत्तरमाला में कई ऐसे जवाब को गलत बता दिया है, जिसे लिखित परीक्षा की उत्तरमाला में सही दर्शाया था। ऐसे में लिखित परीक्ष में उत्तर प्रदेशाध्यक्ष वाचन खुद को कटआफ से ज्यादा को सही जोड़े बैठे अभ्यर्थी रामजग, अमित यादव और योगेश यादवकटआफ से नीचे आकर चयन से बाहर 1 हो गए। अब वह चयन बोर्ड की उत्तरमाला और जबाब के सही साक्ष्य के साथ हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।



चयन बोर्ड ने टीजीटी के 12603 पदों के लिए न भर्ती विज्ञापन निकाला था। बाद में सात और पद अधियाचन में जोड़ दिए जाने से रिक्त पदों की संख्या 12610 हो गई थी। इसकी परीक्षा सात और आठ अगस्त को कराई गई। इसके बाद इसकी उत्तरमाला जारी कर चयन बोर्ड ने अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी। विषय विशेषज्ञों से आपत्तियों का निस्तारण कराने के बाद 26 अक्टूबर को चयन परिणाम जारी करने के साथ संशोधित उत्तरमाला जारी की। टीजीटी अभ्यर्थी रामजग का दावा है कि लिखित परीक्षा की उत्तरमाला के आधार पर उनके 108 प्रश्नों के जवाब सही थे और ओबीसी श्रेणी में कटआफ 105 गया है। दावा है कि उन्होंने संशोधित उत्तरमाला में बदले गए सवालों के जवाब के संबंध में साक्ष्य जुटाए हैं। बताया है। कि प्रश्न संख्या 68 में पूछा गया है कि एमएफ हुसैन द्वारा निर्मित महाभारत श्रृंखला के चित्रों में सतह क्या है? पहली उत्तरमाला में सही जवाब (डी) और संशोधित उत्तरमाला में सही जवाब (सी) को माना गया है। उनका दावा है कि यह जवाब गलत है और इसका सही उत्तर सी और डी दोनों है। इसे एफ (फाल्स) मानकर सभी को तीन अंक देना चाहिए। इसी तरह प्रश्न संख्या 111 है। अभ्यर्थी योगेश यादव और अमित यादव ने आरोप लगाया है कि जल्दबाजी में रिजल्ट घोषित करने की गड़बड़ी से उनका भी चयन नहीं हो पाया है। वह शीघ्र ही कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे।