बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों के अभिभावकों को करेगा जागरुक, बीएसए ने विभाग के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों को प्रचार-प्रसार करने का निर्देश

मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों को बैंक में खोले गए खातों को सक्रिय करने के लिए जागरुक करेगा। सरकार की ओर से अबकी बार निशुल्क यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता-मोजा क्रय से धनराशि विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। बीएसए ने विभाग के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों को प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है।


जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों, 97 सहायता प्राप्त और 56 समाज कल्याण के विद्यालयों में लगभग दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से सभी बच्चों को यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग देने की बजाय इन वस्तुओं को खरीदने के लिए हर बच्चे के लिए अभिभावक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 1100 रुपये भेजे जाएंगे। डीबीटी योजना का लाभ तभी मिल सकेगा जब बच्चे के अभिभावक का बैंक खाता सक्रिय होगा। अगर जिले के विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों ने अगर बैंक में दो माह से लेन-देन नहीं किया है तो डीबीटी के लाभ से वंचित हो जाएगा।

शिक्षक बच्चों के माध्यम तथा गांवों में अभिभावकों के घर जाकर अभिभावकों को बैंक खाता सक्रिय करने के लिए जागरुक कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि जिले के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों को जागरुक करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।