एआरपी शिक्षक के खिलाफ होगी विभागीय कार्रवाई, मृतका के पिता ने बीएसए को सौंपे शिक्षक के खिलाफ चैटिंग के सबूत

लखीमपुर खीरी। मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी महिला की डेंगू से हुई मौत के मामले में नकहा में तैनात शिक्षक पति समेत चार नामजद व 12 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता ने जयेंद्र सिंह ने मंगलवार को आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराने के लिए दूसरी शिक्षिकाओं से की गई चैटिंग के सबूत बीएसए को सौंपे हैं।



नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव धुमराडीह निवासी जयेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी प्रतिमा सिंह की शादी आठ वर्ष पूर्व नौरंगाबाद निवासी शिक्षक उत्कर्ष सिंह के साथ की थी। शादी में करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे, जिसके बाद भी आरोपी उत्कर्ष सिंह उनकी पुत्री को प्रताड़ित करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि नकहा ब्लॉक में तैनात शिक्षक उत्कर्ष सिंह मौजूदा समय में एआरपी भी है, जिससे वह महिला शिक्षकों पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ जांच आदि की कार्रवाई करके फंसाता है। इस तरह उसने आधा दर्जन से अधिक लड़कियों से संबंध बना रखे हैं, जिसकी जानकारी होने पर उनकी पुत्री प्रतिमा विरोध करती थी। इससे आरोपी शिक्षक व उनके परिजन और ज्यादा प्रतिमा का उत्पीड़न करने लगे थे। कई बार जान से मारने की भी धमकी दी, लेकिन जयेंद्र ने घर जाकर कई बार मामला शांत भी कराया। इसके बाद प्रतिमा की तबियत खराब हो गई, तो 16 अक्तूबर को हुई लैब जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बावजूद ससुरालीजन प्रतिमा को इलाज कराने के लिए अस्पताल नहीं ले गए। इस बीच प्रतिमा ने फोन कर पिता को शरीर में सूजन आने की बात बताई, जिसके बाद जयेंद्र सिंह अपनी पुत्री को इलाज कराने के लिए 20 अक्तूबर को लखनऊ के सहारा अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान 22 अक्तूबर 2021 को प्रतिमा सिंह ने दम तोड़ दिया। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि पति उनकी बेटी को मारना चाहता था, जिससे समय पर इलाज नहीं कराया। आरोप यह भी है कि लखनऊ में उत्कर्ष सिंह अपने 10-12 दोस्तों को लेकर आया, जहां पर शव नहीं उठाने दिया और मारपीट की। पुलिस को सूचना देने के बाद शव मिल सका। सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक उत्कर्ष सिंह, सास कुमुद, ननद प्राची, अंजनी समेत 12 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उधर बेसिक शिक्षा विभाग ने भी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी है।

मृतका के पिता की ओर से दिए गए सबुत के आधार पर जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया कर्मचारी आचरण नियमावली का दोषी प्रतीत होता है, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा उसके जेल जाने पर उस अवधि तक निलंबन बरकरार रहेगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए