गरीबों को आरक्षण में आठ लाख वार्षिक आय सीमा का आधार क्या: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से फिर पूछा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसद आरक्षण की पात्रता के लिए आठ लाख की सीमा तय करने का क्या आधार है। कोर्ट ने आदेश के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा इस बारे में हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट न किए जाने पर नाराजगी जताई।


कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार उच्च स्तरीय नीति बनाना चाहती है तो पहले उस पर विचार करे फिर उसे करे। कोर्ट ने सरकार से इस बारे में कई सवाल पूछे। सरकार ने हलफनामा दाखिल करने के लिए थोड़ा समय मांगते हुए कहा कि ड्राफ्ट तैयार है दो तीन दिन में हलफनामा दाखिल कर दिया जाएगा। कोर्ट मामले पर 28 अक्टूबर को फिर सुनवाई करेगा।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मेडिकल पाठ्यक्रम की परीक्षा नीट के आल इंडिया कोटे में इस वर्ष से ओबीसी को 27 फीसद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसद आरक्षण दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई पर भी कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आठ लाख सालाना आय की सीमा किस आधार पर तय की गई है।