अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में बाबू काट रहे मौज, शिक्षक परेशान


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों से डीबीटी डाटा फीडिंग का कार्य कराए जाने को लेकर बेसिक शिक्षा संघ द्वारा विरोध दर्ज कराया गया है। संघ नेताओं ने •डीबीटी कार्य में शिक्षकों को लगाए जाने के आदेश का विरोध करते हुए शिक्षकों से जबरन बाबूगिरी कराए जाने का आरोप लगाया है। वही अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों के द्वारा डीबीटी कार्य कराए जाने के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के आदेश के चलते स्कूलों में तैनात बाबू मौज काट रहे है। जानकारी के

अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा डीबीटी के तहत इस बार छात्र छात्राओं को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते मोजे सहित विभिन्न मदों का सर्व शिक्षा अभियान के तहत पैसा स्थानांतरित किए जाने की कार्यवाही गतिमान है। डीबीटी प्रक्रिया के तहत छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के आधार बैंक खाते सहित विभिन्न जानकारियों को
ऑनलाइन डाटा फीडिंग किया जाना है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में तैनात लिपीको को राहत प्रदान करते हुए डीबीटी का डाटा फीडिंग कार्य बेसिक शिक्षकों पर जबरन थोपने का बेसिक शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है। संघ नेताओं द्वारा कहा गया है कि डीबीटी आंकड़ों का वृहद स्तर पर फील्डिंग कार्य होना है । इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के नाम के अलावा माता पिता का नाम बैंक खाता एवं आधार सहित विभिन्न जानकारियों का ऑनलाइन फिडिंग किए जाने के लिए शिक्षकों के द्वारा बीते दो माह से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के स्तर से आदेश निर्गत किए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि डीबीटी कार्य खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में तैनात बाबुओं के द्वारा कराए जाने के लिए विभागीय अधिकारियों को आदेश देना चाहिए। विभागीय लिपिकों को
राहत प्रदान करते बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शिक्षकों पर जबरन डाटा फीडिंग का कार्य प्रदान किया गया है। गड़बड़ी हो जाने पर शिक्षक ही जिम्मेदार माने जाएंगे। इसके अलावा अशासकीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ द्वारा भी डीबीटी कार्य कराए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के तहत कहा गया है कि अशासकीय जूनियर हाई स्कूलों में लिपिक तैनात हैं। डीबीटी कार्य कराए जाने के लिए विद्यालय के लिपिक का मूल दायित्व है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से विद्यालय लिपिकों को राहत प्रदान करते हुए शिक्षकों को डाटा फीडिंग के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के आदेश की आड़ में एडेड जूनियर हाईस्कूलों के बाबू मौज काट रहे हैं। वही शिक्षक बाबूगिरी करने के लिए मजबूर हैं