एलटी ग्रेड कला के चयनितों की नियुक्ति फंसी 

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंसी हुई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) दो माह पहले ही चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज चुका है। सोमवार को इस मसले पर अभ्यर्थियों ने अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) को ज्ञापन भी सौंपा। 



एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पदों पर भर्ती के लिए 29 जुलाई 2018 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें कला विषय के 470 पद शामिल थे। कला विषय के अभ्यर्थियों के लिए बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) के साथ बीएड की डिग्री की अर्हता निर्धारित की गई थी, लेकिन परीक्षा में बहुत से ऐसे अभ्यर्थी शामिल हो गए थे, जिन्होंने केवल बीएफए किया था। उनके पास बीएड की डिग्री की नहीं थी। परीक्षा में ऐसे 90 अभ्यर्थियों का चयन हो गया। आयोग ने इन अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन तो कराया, लेकिन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को फाइलें नहीं भेजीं। 


अभ्यर्थियों की मांग पर आयोग ने एनसीटीई से इस बारे में दिशा-निर्देश मांगे। एनसीटीई की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई कि नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय समेत उत्तराखंड में भी सहायक अध्यापक भर्ती के लिए केवल बीएफए की डिग्री मांगी जाती है, क्योंकि बीएफए डिग्री धारक को भी कला विषय पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित माना जाता है। एनसीटीई की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद आयोग ने 19 अगस्त 2021 को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को नियुक्ति की संस्तुति भेज दी। अभ्यर्थी अब विद्यालय आवंटन के लिए काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। 

फिलहाल माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है और काउंसलिंग शुरू कराने के लिए शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। फाइल शासन में ही अटकी है और चयन के बावजूद अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंसी हुई है। सोमवार को प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) अंजना गोयल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि जल्द ही शासन से अनुमति मिल जाएगी और इसके बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे।