दिवाली पर भी चयनितों को नौकरी नहीं , निदेशालय में फंसीं एलटी ग्रेड कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें


प्रयागराज नौकरी के इंतजार में दिवाली करीब आ गई, पर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। मामला कला और हिंदी विषय के चयनित अभ्यर्थियों से जुड़ा हुआ है। कला विषय के अभ्यर्थी नियुक्ति की संस्तुति होने के बावजूद नौकरी के लिए भटक रहे हैं तो हिंदी के चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें अर्हता के विवाद में अब तक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में ही फंसी हुई हैं।


एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत कला विषय के लिए ललित कला से स्नातक (बीएफए) एवं बीएड की डिग्री की अर्हता निर्धारित की गई थी। तमाम अभ्यर्थियों के पास बीएड की डिग्री नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने फॉर्म भर दिए। रिजल्ट घोषित किया गया तो 90 अभ्यर्थी ऐसे चयनित हो गए, जिन्होंने बीएफए तो किया था, लेकिन उनके पास बीएड की डिग्री नहीं थी अर्हता का विवाद दूर करने के लिए आयोग ने एनसीटीई को स्थिति स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा। एनसीटीई की ओर से कहा गया कि अभ्यर्थी के पास अगर सिर्फ बीएफए की डिग्री है तो भी वह पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित है और केंद्रीय विद्यालयों नवोदय विद्यालयों में ऐसे अभ्यर्थियों को पढ़ाने के लिए पात्र माना जाता है।

एनसीटीई से स्थिति स्पष्ट होने के बाद आयोग ने ऐसे 90 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति करते हुए उनकी फाइलें अगस्त में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दीं। अब निदेशालय ने शासन को पत्र भेजकर इस बारे में दिशा-निर्देश मांगें हैं और अभ्यर्थियों की फाइलें निदेशालय में पड़ी हुई हैं। दिवाली से पहले नियुक्ति मिलने के अब कोई आसार नहीं हैं। वहीं, हिंदी के चयनित अभ्यर्थियों की आवेदन तिथि की अर्हता से संबंधित विवाद अब तक दूर नहीं हुआ है। इस विवाद के कारण हिंदी में चयनित सैकड़ों अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही पड़ी हुई हैं और अब तक उनकी नियुक्ति की संस्तुति नहीं की गई। प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि अभ्यर्थी अपनी योग्यता से परीक्षा में चयनित हुए। उनके साथ अन्य चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है।